जामताड़ा: झारखंड के जामताड़ा जिले में रेलवे ट्रैक के पास प्रेमी युगल के शव मिलने का मामला चर्चा में है। घटना को लेकर राज्य की राजनीति भी गरमा गई है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने मामले में ऑनर किलिंग की आशंका जताते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की है।
मरांडी ने घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि दोनों की मौत के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ सके। हालांकि, फिलहाल मौत के कारणों और घटना की परिस्थितियों को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
रेलवे ट्रैक के पास मिले युवक-युवती के शव
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 24 और 25 अक्टूबर की दरमियानी रात विद्यासागर-मदनकट्टा रेलखंड पर नवाडीह-दुर्गापुर के पास रेलवे ट्रैक के समीप 20 वर्षीय रॉकी कुमार मंडल और 17 वर्षीय नाजिया खातून के शव मिले थे।
दोनों जामताड़ा जिले के करमाटांड़ प्रखंड के रिंगोचिंगो गांव के निवासी बताए गए हैं। शुरुआती जानकारी में दोनों के बीच करीब दो वर्षों से प्रेम संबंध होने की बात सामने आई है।
रिपोर्ट के अनुसार, दोनों अलग-अलग समुदायों से थे और उनकी शादी को लेकर परिजनों की असहमति की बात भी कही जा रही है। हालांकि, इन परिस्थितियों और दोनों की मौत के बीच क्या संबंध है, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
बाबूलाल मरांडी ने जताई ऑनर किलिंग की आशंका
बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया पर घटना को दुखद और गंभीर बताते हुए आशंका जताई कि यह मामला ऑनर किलिंग से जुड़ा हो सकता है। उन्होंने पुलिस से घटनास्थल की बारीकी से जांच करने और सभी महत्वपूर्ण साक्ष्यों को जुटाने की मांग की।
उन्होंने कॉल डिटेल्स, तकनीकी साक्ष्यों और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की गहन पड़ताल पर जोर दिया। मरांडी का कहना है कि जांच ऐसी होनी चाहिए, जिससे किसी भी तरह के दबाव या प्रभाव के बिना वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मामले की गंभीरता को देखते हुए CBI जांच कराने की अपील भी की है।
सोशल मीडिया पोस्ट और कथित शादी की चर्चा
घटना के बाद सोशल मीडिया पर प्रेमी युगल की तस्वीरों और एक रील को लेकर भी चर्चा हो रही है। रिपोर्ट में उल्लेख है कि एक तस्वीर में युवक ने कथित तौर पर अपनी मौत के बाद दोनों को साथ दफनाने की इच्छा व्यक्त की थी।
इसके अलावा, दोनों के कथित रूप से मंदिर में विवाह करने की बात भी सामने आई है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री को घटना का निर्णायक प्रमाण नहीं माना जा सकता।
पुलिस जांच से स्पष्ट होगी मौत की वजह
फिलहाल इस मामले में कई सवालों के जवाब सामने आने बाकी हैं। यह स्पष्ट होना जरूरी है कि दोनों की मौत किन परिस्थितियों में हुई और क्या इसके पीछे किसी तरह की आपराधिक साजिश या अन्य कारण था।
बाबूलाल मरांडी ने निष्पक्ष जांच और न्याय सुनिश्चित करने की मांग की है। वहीं, घटना से जुड़े आरोपों और आशंकाओं की पुष्टि जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही हो सकेगी।
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