Thursday, October 15, 2026

2027 में भारत में 9.1% तक बढ़ सकती है सैलरी, NBFC और ऊर्जा क्षेत्र में ज्यादा इंक्रीमेंट का अनुमान.

Share

नई दिल्ली, 15 अक्टूबर 2026: वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारतीय कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। एओन (Aon) की Annual Salary Increase and Turnover Survey 2026-27 के अनुसार, वर्ष 2027 में भारत में औसतन 9.1 प्रतिशत वेतन वृद्धि होने का अनुमान है। यह अनुमान 2026 में दर्ज 9 प्रतिशत की औसत वेतन वृद्धि के करीब है।

रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनियां खर्च पर नियंत्रण बनाए रखने के साथ प्रतिभाशाली कर्मचारियों को अपने साथ बनाए रखने पर ध्यान दे रही हैं। हालांकि, वास्तविक वेतन वृद्धि कंपनी, उद्योग, कर्मचारी के प्रदर्शन और उसकी भूमिका के आधार पर अलग-अलग हो सकती है।

1,200 से अधिक कंपनियों के आंकड़ों का विश्लेषण

रिपोर्ट में देश के 45 उद्योगों की 1,200 से अधिक कंपनियों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया है। इसके आधार पर भारतीय कंपनियों के वेतन बजट और कर्मचारियों को मिलने वाले इंक्रीमेंट के रुझानों का आकलन किया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, घरेलू मांग, निवेश और निर्यात से जुड़ी गतिविधियां कंपनियों के कारोबारी माहौल को प्रभावित कर रही हैं। ऐसे में कंपनियां वेतन वृद्धि के साथ लागत प्रबंधन और जरूरी कौशल वाले कर्मचारियों को बनाए रखने के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही हैं।

इन क्षेत्रों में ज्यादा वेतन वृद्धि का अनुमान

एओन की रिपोर्ट में कुछ उद्योगों के लिए औसत वेतन वृद्धि का अनुमान राष्ट्रीय औसत से अधिक बताया गया है।

  • NBFC सेक्टर: गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों में 2027 के दौरान 10.1 प्रतिशत वेतन वृद्धि का अनुमान है।
  • ऊर्जा क्षेत्र: पावर और एनर्जी सेक्टर में औसतन 9.9 प्रतिशत इंक्रीमेंट की संभावना जताई गई है।
  • रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर: इस क्षेत्र में 9.8 प्रतिशत वेतन वृद्धि का अनुमान है।

ये आंकड़े उद्योग स्तर के अनुमान हैं। इसका अर्थ यह नहीं है कि इन क्षेत्रों में काम करने वाले प्रत्येक कर्मचारी की सैलरी इसी अनुपात में बढ़ेगी।

कंपनियां अपना रहीं लक्षित वेतन नीति

एओन इंडिया में टैलेंट सॉल्यूशंस के पार्टनर और रिवॉर्ड्स कंसल्टिंग लीडर रूपंक चौधरी के मुताबिक, स्थिर वेतन बजट के कारण कंपनियां अब कर्मचारियों को वेतन वृद्धि देने में अधिक लक्षित रणनीति अपना रही हैं।

उनके अनुसार, कंपनियां बाजार में उपलब्ध कौशल, कर्मचारियों के प्रदर्शन और महत्वपूर्ण प्रतिभाओं को बनाए रखने पर अधिक ध्यान दे रही हैं। मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भी वेतन समायोजन को लेकर कंपनियां सोच-समझकर फैसले ले रही हैं।

कर्मचारियों के नौकरी छोड़ने की दर में बढ़ोतरी

रिपोर्ट में कर्मचारियों के नौकरी छोड़ने की दर यानी एट्रिशन रेट में बदलाव का भी उल्लेख है। दिए गए आंकड़ों के अनुसार, यह दर 2024 में 17.1 प्रतिशत और 2025 में 16.2 प्रतिशत थी, जो 2026 में बढ़कर 18 प्रतिशत हो गई।

कर्मचारियों को अपने साथ बनाए रखना कंपनियों के लिए एक अहम चुनौती बना हुआ है। इसी वजह से वेतन, करियर में आगे बढ़ने के अवसर और जरूरी कौशल वाले कर्मचारियों को बनाए रखने की रणनीतियों पर जोर दिया जा रहा है।

कंपनियों में AI का इस्तेमाल भी बढ़ा

रिपोर्ट के मुताबिक, कार्यस्थलों पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित उत्पादकता टूल्स का इस्तेमाल बढ़ रहा है। कंपनियों में एआई के उपयोग का स्तर 2025 के 46.1 प्रतिशत से बढ़कर 2026 में 56 प्रतिशत बताया गया है।

एआई के बढ़ते उपयोग से काम करने के तरीकों, कौशल की जरूरतों और कर्मचारियों की उत्पादकता पर असर पड़ रहा है। ऐसे में कंपनियां तकनीकी बदलावों के अनुरूप कर्मचारियों की क्षमताएं विकसित करने पर भी ध्यान दे रही हैं।

नए वेज कोड पर भी कंपनियों को ध्यान देने की सलाह

एओन इंडिया के एसोसिएट पार्टनर अमित कुमार ओटवानी ने नियोक्ताओं को नए वेज कोड के संभावित वित्तीय प्रभावों का पहले से आकलन करने की सलाह दी है।

उनके मुताबिक, कंपनियों को केवल कानूनी प्रावधानों का पालन करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि वेतन संरचना, कुल कर्मचारी लागत और कार्यबल पर पड़ने वाले असर की भी समीक्षा करनी चाहिए। कर्मचारियों के साथ स्पष्ट और पारदर्शी संवाद बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है।

वेतन वृद्धि का अनुमान, हर कर्मचारी के लिए गारंटी नहीं

एओन की रिपोर्ट के अनुसार, 2027 में भारत में औसतन 9.1 प्रतिशत वेतन वृद्धि का अनुमान है। NBFC, ऊर्जा और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों में इससे अधिक इंक्रीमेंट की संभावना जताई गई है। हालांकि, कर्मचारियों की वास्तविक वेतन वृद्धि उनके प्रदर्शन, कंपनी की वित्तीय स्थिति और उद्योग की परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।

BHARATSUPERFASTNEWS

Read more

Local News