Thursday, October 15, 2026

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से शेयर बाजार में जोरदार उछाल, सेंसेक्स 1,534 अंक चढ़ा.

Share

मुंबई, 15 अक्टूबर 2026: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को शानदार तेजी देखने को मिली। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और घरेलू बाजार में सकारात्मक माहौल के चलते सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त के साथ बंद हुए। हालांकि, निफ्टी कारोबार के दौरान 23,000 के स्तर को पार करने के बावजूद बंद होते समय इससे थोड़ा नीचे रहा।

सेंसेक्स में 1,533 अंक की बढ़त

गुरुवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 1,533.72 अंक उछलकर 74,315.61 पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 374.65 अंक बढ़कर 22,997.35 के स्तर पर पहुंच गया।

कारोबार के दौरान निफ्टी ने 23,000 का अहम मनोवैज्ञानिक स्तर पार किया, लेकिन बाजार बंद होने तक यह इस स्तर से थोड़ा नीचे आ गया।

टेक महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक और एयरटेल में तेजी

निफ्टी के प्रमुख शेयरों में टेक महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक और भारती एयरटेल में सबसे अधिक बढ़त दर्ज की गई। सेक्टर के लिहाज से निफ्टी आईटी और निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स में अच्छी खरीदारी देखने को मिली।

इसके विपरीत, निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स का प्रदर्शन कमजोर रहा। इससे पता चलता है कि बाजार में तेजी के बावजूद सभी क्षेत्रों में एक जैसी खरीदारी नहीं हुई।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में गिरावट

मुख्य सूचकांकों में मजबूती के बावजूद छोटे और मझोले शेयरों पर दबाव बना रहा। गुरुवार को निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.36 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 1.31 प्रतिशत टूटकर बंद हुआ।

इस तरह प्रमुख सूचकांकों की तेजी के बीच व्यापक बाजार का प्रदर्शन मिला-जुला रहा।

डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत

शेयर बाजार में तेजी और डॉलर इंडेक्स में कमजोरी के बीच भारतीय रुपये में भी मजबूती दर्ज की गई। खबर के मुताबिक, रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 9 पैसे मजबूत होकर 95.05 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

निफ्टी के लिए अहम स्तर

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, निफ्टी के लिए 23,000 से 23,100 का दायरा तत्काल रेजिस्टेंस जोन है। यदि इंडेक्स इस स्तर के ऊपर टिकता है, तो आगे 23,300 से 23,400 तक जाने की संभावना बन सकती है।

वहीं, नीचे की ओर 22,800 का स्तर अहम माना जा रहा है। इसके नीचे फिसलने पर निफ्टी में बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और यह 22,600 से 22,500 के सपोर्ट जोन की ओर जा सकता है। ये स्तर बाजार विशेषज्ञों के तकनीकी अनुमान हैं, निश्चित भविष्यवाणी नहीं।

आगे बाजार की दिशा किन बातों पर निर्भर करेगी?

विश्लेषकों के अनुसार, आने वाले कारोबारी सत्रों में कंपनियों के दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे, विदेशी संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां और कच्चे तेल की कीमतों में होने वाला बदलाव बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।

BHARATSUPERFASTNEWS

Read more

Local News