मुंबई, 15 अक्टूबर 2026: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को शुरुआती कारोबार के दौरान तेजी देखने को मिली। आईटी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से घरेलू बाजार को समर्थन मिला। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 354 अंक उछलकर 73,157.43 पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 96.15 अंक की बढ़त के साथ 22,726.05 पर कारोबार करता दिखा।
इससे पहले बुधवार को बाजार में गिरावट दर्ज की गई थी। उस दिन सेंसेक्स 251.89 अंक और निफ्टी 99.25 अंक नीचे बंद हुए थे।
आईटी शेयरों में खरीदारी, कई दिग्गज शेयरों में तेजी
गुरुवार को शुरुआती कारोबार में आईटी क्षेत्र के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। सेंसेक्स की प्रमुख कंपनियों में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), टेक महिंद्रा और इन्फोसिस के शेयर बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे।
इसके अलावा आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और भारती एयरटेल के शेयरों में भी तेजी रही। दूसरी ओर, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, अदाणी पोर्ट्स, ट्रेंट और पावर ग्रिड के शेयरों में कमजोरी देखने को मिली।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से बाजार को सहारा
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी को भारतीय बाजार के लिए राहत के रूप में देखा गया। कारोबार के दौरान ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.60 प्रतिशत गिरकर 104.4 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई।
भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से आयात बिल और कंपनियों की लागत पर दबाव कम होने की संभावना रहती है। हालांकि, इसका वास्तविक असर कई अन्य आर्थिक कारकों पर भी निर्भर करता है।
एचसीएलटेक के नतीजों से आईटी क्षेत्र को मजबूती
घरेलू आईटी कंपनी एचसीएलटेक के बेहतर तिमाही नतीजों ने आईटी क्षेत्र के शेयरों में खरीदारी को समर्थन दिया। बाजार में आईटी कंपनियों के प्रदर्शन को लेकर निवेशकों की गतिविधियों का असर प्रमुख आईटी शेयरों पर दिखाई दिया।
हालांकि, वैश्विक टेक्नोलॉजी शेयरों में उतार-चढ़ाव और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े निवेश रुझान भारतीय आईटी कंपनियों पर अलग-अलग तरह से प्रभाव डाल सकते हैं।
वैश्विक बाजारों में दबाव बरकरार
भारतीय बाजार में तेजी के बीच कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों में गिरावट दर्ज की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी टेक इंडेक्स नैस्डैक 1.88 प्रतिशत गिरा। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी करीब 8 प्रतिशत और जापान का निक्केई 225 लगभग 5.07 प्रतिशत नीचे आया।
अमेरिका में महंगाई बढ़ने से ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है। इससे निवेशकों की धारणा प्रभावित हो सकती है और वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली पर भी नजर
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में 1,857.44 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। विदेशी निवेशकों की बिकवाली बाजार की दिशा को प्रभावित करने वाला एक महत्वपूर्ण कारक है।
घरेलू बाजार में शुरुआती तेजी के बावजूद वैश्विक आर्थिक हालात, कच्चे तेल की कीमतें, कंपनियों के तिमाही नतीजे और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां आगे भी बाजार की चाल को प्रभावित कर सकती हैं। निवेशकों के लिए किसी भी निर्णय से पहले जोखिम और अपनी वित्तीय स्थिति का आकलन करना जरूरी है।
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