Monday, October 12, 2026

गढ़वा में 4,235 स्ट्रीट और हाईमास्ट लाइटों के बिजली कनेक्शन पर सवाल, लाखों के राजस्व नुकसान की आशंका.

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गढ़वा, झारखंड | 12 अक्टूबर 2026: झारखंड के गढ़वा जिले में सरकारी योजनाओं के तहत लगाई गई हजारों स्ट्रीट और हाईमास्ट लाइटों के बिजली कनेक्शन और बिल भुगतान को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। बिजली विभाग के अनुसार, कई लाइटों के वैध कनेक्शन और मीटर से संबंधित स्थिति स्पष्ट नहीं है। इससे विभाग को हर महीने राजस्व का नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।

यह मामला सामने आने के बाद बिजली विभाग ने लाइटों की सूची और कनेक्शन की स्थिति स्पष्ट करने के लिए उपविकास आयुक्त (डीडीसी) को पत्र भेजा है। हालांकि, जिले में विभिन्न योजनाओं के तहत लगाई गई सभी लाइटों की कुल संख्या और उनके बिजली कनेक्शन का पूरा विवरण अभी उपलब्ध नहीं है।

विधायक मद से 165 हाईमास्ट लाइटों पर खर्च हुए 3.11 करोड़ रुपये

वर्ष 2019 से 2024 के बीच गढ़वा विधानसभा क्षेत्र में विधायक मद से 165 हाईमास्ट लाइटें लगाई गईं। रिपोर्ट के अनुसार, प्रत्येक लाइट पर करीब 1.89 लाख रुपये खर्च किए गए। इस तरह कुल खर्च तीन करोड़ रुपये से अधिक रहा।

इन हाईमास्ट लाइटों को मुख्य रूप से चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर लगाया गया था, ताकि रात के समय रोशनी की बेहतर व्यवस्था हो सके।

हालांकि, इन लाइटों के संचालन के लिए बिजली कनेक्शन और मीटर लगाए जाने की स्थिति स्पष्ट नहीं होने से सवाल उठ रहे हैं। हाईमास्ट लाइटों में सामान्य स्ट्रीट लाइट की तुलना में बिजली की खपत अधिक हो सकती है। ऐसे में इनके कनेक्शन, बिजली उपयोग और बिल भुगतान का रिकॉर्ड व्यवस्थित होना जरूरी है।

ग्रामीण क्षेत्रों में 4,070 स्ट्रीट लाइटें लगाने का दावा

गढ़वा जिले के ग्रामीण इलाकों में विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत 4,070 वेपर और स्ट्रीट लाइटें लगाए जाने की जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रति लाइट 1,850 रुपये की दर से इन पर कुल 75.29 लाख रुपये खर्च हुए।

इनके अलावा 14वें और 15वें वित्त आयोग तथा पंचायतों की अन्य योजनाओं के तहत भी लाइटें लगाई गई हैं। हालांकि, इन सभी योजनाओं के अंतर्गत स्थापित लाइटों की कुल संख्या, वैध बिजली कनेक्शन और मीटर की उपलब्धता का समेकित विवरण सामने नहीं आया है।

इस स्थिति में संबंधित विभागों के लिए प्रत्येक लाइट का रिकॉर्ड तैयार करना और बिजली कनेक्शन की स्थिति स्पष्ट करना महत्वपूर्ण हो गया है।

बिजली विभाग ने डीडीसी से मांगी जानकारी

बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता ने पत्रांक 708 के माध्यम से उपविकास आयुक्त को पत्र भेजा है। इसमें स्थापित हाईमास्ट लाइटों की सूची उपलब्ध कराते हुए उनके बिजली कनेक्शन की स्थिति स्पष्ट करने का अनुरोध किया गया है।

विभाग यह जानना चाहता है कि किन लाइटों के लिए विधिवत बिजली कनेक्शन लिया गया है, कहां मीटर लगाए गए हैं और किन स्थानों पर बिजली बिल का भुगतान किया जा रहा है।

इस जानकारी के आधार पर कनेक्शन और भुगतान से जुड़ी स्थिति की समीक्षा की जा सकेगी। फिलहाल सभी लाइटों की स्थिति को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालने के लिए विस्तृत जांच और संबंधित विभागों के रिकॉर्ड की जरूरत है।

मझिआंव नगर पंचायत पर 1.26 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया

गढ़वा में बिजली बिल भुगतान से जुड़ा मामला केवल ग्रामीण क्षेत्रों तक सीमित नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक, मझिआंव नगर पंचायत क्षेत्र में स्ट्रीट लाइटों के बिजली बिल का करीब 1.26 करोड़ रुपये बकाया है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि स्ट्रीट लाइटों की बिजली खपत के आकलन के लिए प्रति लाइट हर महीने 20 यूनिट खपत और 7.60 रुपये प्रति यूनिट की दर का आधार लिया जाता है। समय पर भुगतान नहीं होने के कारण बकाया राशि बढ़ने की बात कही गई है।

वहीं, गढ़वा नगर परिषद पर भी करीब 4.22 लाख रुपये का बिजली बिल बकाया होने की जानकारी दी गई है।

इन बकायों की वर्तमान स्थिति, भुगतान की अवधि और संबंधित निकायों की ओर से की गई कार्रवाई की पुष्टि आधिकारिक रिकॉर्ड से की जानी चाहिए।

बिजली कनेक्शन और बिल भुगतान जरूरी: कार्यपालक अभियंता

बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता महेश्वर कुमार के अनुसार, स्ट्रीट लाइटों को चलाने के लिए बिजली की खपत होती है। इसलिए नियमानुसार बिजली कनेक्शन लेना और बिल का भुगतान करना आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में मुखिया या प्रखंड विकास पदाधिकारी के नाम से बिजली कनेक्शन लिया जा सकता है। बिजली बिल का भुगतान पंचायत या ग्रामीण विकास मद से भी किया जा सकता है।

इस मामले में उपविकास आयुक्त से पत्राचार किया गया है, ताकि स्थापित लाइटों के कनेक्शन और भुगतान की स्थिति स्पष्ट हो सके।

पारदर्शिता के लिए रिकॉर्ड की समीक्षा जरूरी

गढ़वा जिले में हजारों स्ट्रीट और हाईमास्ट लाइटों की स्थापना पर सरकारी राशि खर्च की गई है। ऐसे में यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि सभी लाइटों के लिए बिजली कनेक्शन, मीटर और बिल भुगतान की व्यवस्था नियमों के अनुसार हो।

संबंधित विभागों के बीच समन्वय से प्रत्येक लाइट का रिकॉर्ड तैयार किया जा सकता है। इससे बिजली की वास्तविक खपत, बकाया राशि और संभावित राजस्व नुकसान का आकलन करने में मदद मिलेगी।

गढ़वा में 4,235 स्ट्रीट और हाईमास्ट लाइटों के बिजली कनेक्शन को लेकर उठे सवालों के बीच अब बिजली विभाग और संबंधित सरकारी निकायों की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। विस्तृत जांच और आधिकारिक रिकॉर्ड सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कितनी लाइटों के कनेक्शन या बिल भुगतान में गड़बड़ी है और राजस्व नुकसान की वास्तविक राशि कितनी है।

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