Saturday, October 10, 2026

PF Withdrawal TDS: पीएफ निकासी पर TDS बचाने के लिए भरना होगा Form 121? जानें ऑनलाइन प्रक्रिया.

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नई दिल्ली, 10 अक्टूबर 2026: प्रोविडेंट फंड (PF) से समय से पहले पैसा निकालने की योजना बना रहे कर्मचारियों के लिए टैक्स संबंधी नियमों को समझना जरूरी है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, टैक्स वर्ष 2026-27 से टीडीएस में छूट के लिए पुराने फॉर्म 15G और 15H की जगह फॉर्म 121 का इस्तेमाल किए जाने की बात कही गई है। हालांकि, फॉर्म और नियमों में बदलाव की पुष्टि के लिए आयकर विभाग तथा कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की आधिकारिक जानकारी देखना जरूरी है।

पांच साल से कम की सेवा पर क्यों कट सकता है TDS?

पीएफ खाते से निकासी पर टीडीएस लागू होने का मामला कर्मचारी की सेवा अवधि, निकासी की राशि और लागू कर नियमों पर निर्भर करता है। सामान्य तौर पर पांच साल की निरंतर सेवा पूरी होने से पहले ईपीएफ की रकम निकालने पर कुछ परिस्थितियों में टीडीएस काटा जा सकता है।

इसलिए पीएफ निकालने से पहले यह जांचना जरूरी है कि आपकी निकासी कर के दायरे में आती है या नहीं और क्या आप टीडीएस से छूट की शर्तें पूरी करते हैं।

क्या है Form 121?

रिपोर्ट के अनुसार, फॉर्म 121 आयकर नियमों के तहत दी जाने वाली घोषणा है। इसके जरिए पात्र करदाता अपनी अनुमानित आय और कर देनदारी से संबंधित जानकारी प्रस्तुत करता है।

यदि करदाता लागू शर्तों के अनुसार पात्र है, तो इस घोषणा के आधार पर संबंधित भुगतान पर टीडीएस नहीं काटे जाने का दावा किया जा सकता है। हालांकि, फॉर्म जमा करने मात्र से टीडीएस में छूट की गारंटी नहीं मिलती। इसके लिए निर्धारित पात्रता और अन्य कानूनी शर्तों को पूरा करना आवश्यक है।

फॉर्म समय पर जमा करना क्यों जरूरी है?

यदि किसी भुगतान पर टीडीएस से छूट का दावा करना है, तो संबंधित घोषणा भुगतान से पहले जमा करना उपयोगी हो सकता है। इससे भुगतान करने वाले पक्ष को समय रहते दस्तावेजों की जांच करने का अवसर मिलता है।

फॉर्म जमा करने की समयसीमा और प्रक्रिया संबंधित भुगतान तथा लागू नियमों के अनुसार अलग हो सकती है। इसलिए आवेदन से पहले आधिकारिक निर्देशों की जांच करें।

Form 121 ऑनलाइन कैसे भरें?

रिपोर्ट में आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल के माध्यम से फॉर्म भरने की प्रक्रिया बताई गई है। पोर्टल पर उपलब्ध विकल्पों और मौजूदा नियमों के अनुसार प्रक्रिया में बदलाव संभव है।

सामान्य तौर पर इन चरणों का पालन करना होगा:

  1. आयकर विभाग के आधिकारिक ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाएं।
  2. संबंधित फॉर्म के लिए उपलब्ध लॉगिन या प्रमाणीकरण प्रक्रिया पूरी करें।
  3. e-File सेक्शन में जाकर Income Tax Forms या संबंधित फॉर्म विकल्प देखें।
  4. यदि Form 121 उपलब्ध है, तो उसे चुनकर File Now पर क्लिक करें।
  5. मांगी गई फाइलिंग श्रेणी और अन्य आवश्यक विवरण भरें।
  6. फॉर्म में दिए गए सभी विवरणों की सावधानीपूर्वक जांच करें।
  7. जरूरी जानकारी भरने के बाद उपलब्ध निर्देशों के अनुसार फॉर्म जमा करें और पावती सुरक्षित रखें।

ध्यान दें कि पोर्टल पर वास्तविक विकल्प और चरण आधिकारिक व्यवस्था के अनुसार ही मान्य होंगे। आवेदन के समय स्क्रीन पर दिए गए निर्देशों का पालन करें।

फॉर्म में किन जानकारियों की जरूरत हो सकती है?

रिपोर्ट के मुताबिक, फॉर्म में मुख्य रूप से निम्नलिखित विवरण मांगे जा सकते हैं:

  • आय का भुगतान करने वाले व्यक्ति या संस्था की जानकारी।
  • घोषणा करने वाले करदाता का विवरण।
  • अनुमानित आय और कर देनदारी से संबंधित घोषणा।
  • लागू कर वर्ष तथा अन्य आवश्यक जानकारी।

फॉर्म भरते समय नाम, पैन और अन्य विवरण सही दर्ज करना जरूरी है। किसी भी जानकारी में गलती होने पर आवेदन की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

पीएफ निकालने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

पीएफ की रकम भविष्य की आर्थिक सुरक्षा से जुड़ी होती है। इसलिए निकासी का निर्णय लेने से पहले सेवा अवधि, निकासी की पात्रता और संभावित टैक्स देनदारी की जांच कर लें।

साथ ही, टीडीएस कटना और अंतिम रूप से टैक्स देनदारी बनना अलग-अलग बातें हैं। किसी मामले में काटा गया टीडीएस अंतिम कर देनदारी से अधिक या कम हो सकता है। इसलिए अपनी परिस्थितियों के अनुसार आयकर नियमों को समझना जरूरी है।

महत्वपूर्ण सूचना: फॉर्म 121 और फॉर्म 15G/15H से संबंधित बदलाव की अंतिम पुष्टि के लिए आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट और EPFO के निर्देश देखें। केवल मीडिया रिपोर्ट के आधार पर कोई कर घोषणा जमा न करें।

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