पलामू: झारखंड के पलामू जिले में सरकारी शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में पहल की जा रही है। जिले के चार सरकारी स्कूलों को मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय यानी CM School of Excellence के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। चयनित विद्यालयों के प्राचार्यों को राज्य स्तर पर प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।
जिला शिक्षा पदाधिकारी संदीप कुमार के अनुसार, राज्य में कुल 100 नए स्कूलों को इस योजना के तहत अपग्रेड किया जा रहा है। लक्ष्य है कि शैक्षणिक सत्र 2027-28 से इन विद्यालयों में CBSE पाठ्यक्रम के अनुरूप पढ़ाई शुरू हो सके।
इन चार स्कूलों का हुआ चयन
पलामू जिले में मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय के लिए चुने गए स्कूलों की सूची इस प्रकार है:
- राजकीयकृत जेबी प्लस-2 हाई स्कूल, रेहला — विश्रामपुर प्रखंड
- राजकीयकृत प्लस-2 उच्च विद्यालय, डाली — छतरपुर प्रखंड
- राजकीयकृत प्लस-2 सीता उच्च विद्यालय — हरिहरगंज प्रखंड
- राजकीयकृत उत्क्रमित उच्च विद्यालय, माड़न — पांकी प्रखंड
इन विद्यालयों को अपग्रेड करने का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराना और CBSE पैटर्न पर पढ़ाई का अवसर देना है।
अलग-अलग स्कूलों में कक्षाओं की व्यवस्था
जिला शिक्षा पदाधिकारी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, चयनित स्कूलों में कक्षाओं का संचालन अलग-अलग स्तर पर प्रस्तावित है।
- जेबी प्लस-2 हाई स्कूल, रेहला: कक्षा 1 से 12वीं तक पढ़ाई की व्यवस्था।
- प्लस-2 उच्च विद्यालय, डाली: कक्षा 1 से 12वीं तक पढ़ाई की व्यवस्था।
- उत्क्रमित उच्च विद्यालय, माड़न: कक्षा 1 से 10वीं तक पढ़ाई की व्यवस्था।
हरिहरगंज के सीता उच्च विद्यालय में कक्षाओं के स्तर से संबंधित विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
विद्यार्थियों के लिए बनेंगे नए भवन
योजना के तहत चयनित स्कूलों में नए भवन बनाने की भी तैयारी है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त कक्षाएं और बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराना है, ताकि जगह की कमी के कारण पढ़ाई प्रभावित न हो।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी सरकारी स्कूलों में CBSE पाठ्यक्रम के तहत शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल सकेगा।
पहले से संचालित हैं तीन उत्कृष्ट विद्यालय
पलामू जिले में वर्तमान में तीन मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय संचालित हैं, जहां कक्षा 6 से पढ़ाई शुरू होती है। अब चार और स्कूलों को इस योजना में शामिल करने की तैयारी है। इससे जिले में उत्कृष्ट विद्यालयों का दायरा बढ़ेगा।
हालांकि, नए स्कूलों में भवन निर्माण, अन्य जरूरी सुविधाओं और CBSE पैटर्न पर पढ़ाई शुरू होने की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए निर्धारित समयसीमा के अनुसार काम करना होगा।
BHARATSUPERFASTNEWS
