नई दिल्ली, 8 अक्टूबर 2026: देश में महंगाई को लेकर आम परिवारों की चिंता बढ़ती जा रही है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के सितंबर 2026 के महंगाई उम्मीद सर्वे में लोगों ने अनुमान जताया है कि अगले एक साल में महंगाई की दर 10 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। जुलाई के सर्वे में यह अनुमान 9.4 प्रतिशत था।
RBI ने यह सर्वे देश के 19 प्रमुख शहरों में 10 से 20 सितंबर के बीच कराया था। इसमें कुल 5,987 लोगों से महंगाई को लेकर उनकी राय ली गई।
मौजूदा महंगाई भी लोगों को ज्यादा महसूस हो रही
सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक, लोगों को इस समय महंगाई करीब 8.4 प्रतिशत महसूस हो रही है। जुलाई में यह धारणा 7.8 प्रतिशत थी।
वहीं, अगले तीन महीनों के लिए परिवारों ने महंगाई के 9.9 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान जताया है। जुलाई में तीन महीने का अनुमान 9.2 प्रतिशत था।
एक साल की अवधि को लेकर भी लोगों की चिंता बढ़ी है। सर्वे में महंगाई का अनुमान 10 प्रतिशत लगाया गया है।
ज्यादातर परिवारों को कीमतें बढ़ने की आशंका
RBI के सर्वे में 88.9 प्रतिशत लोगों ने कहा कि अगले एक साल में सामान्य कीमतों में और वृद्धि हो सकती है। करीब 67.4 प्रतिशत परिवारों को आशंका है कि कीमतें मौजूदा गति की तुलना में और तेजी से बढ़ सकती हैं।
इसका सीधा असर घरेलू बजट और रोजमर्रा के खर्चों पर पड़ने की चिंता लोगों ने जताई है।
खाने-पीने की चीजों पर बढ़ सकती है महंगाई
रसोई के खर्च को लेकर भी परिवारों की चिंता सामने आई है। सर्वे में 84.9 प्रतिशत लोगों ने अनुमान लगाया कि अगले तीन महीनों में खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ सकती हैं।
वहीं, 61.6 प्रतिशत लोगों को आशंका है कि खाने-पीने की वस्तुओं के दाम मौजूदा स्तर से काफी अधिक बढ़ सकते हैं। इससे आम परिवारों के मासिक बजट पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की संभावना को लेकर चिंता बनी हुई है।
RBI ने बढ़ाया रेपो रेट
महंगाई की चिंताओं के बीच RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने 7 अक्टूबर 2026 को रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की। इसके बाद प्रमुख नीतिगत दर 5.50 प्रतिशत हो गई।
केंद्रीय बैंक ने महंगाई के दबाव को देखते हुए मौद्रिक रुख को कड़ा किया है। ब्याज दरों में बदलाव का उद्देश्य अर्थव्यवस्था में पैसों के प्रवाह और कीमतों के दबाव को प्रभावित करना होता है।
10% का आंकड़ा RBI का आधिकारिक अनुमान नहीं
RBI ने स्पष्ट किया है कि सर्वे में सामने आया 10 प्रतिशत का आंकड़ा केंद्रीय बैंक का आधिकारिक महंगाई पूर्वानुमान नहीं है। यह आम लोगों की कीमतों को लेकर धारणा और उनके अनुमान पर आधारित है।
इसलिए सर्वे के आंकड़े यह बताते हैं कि परिवार महंगाई को किस तरह महसूस कर रहे हैं और आने वाले महीनों को लेकर उनकी क्या अपेक्षाएं हैं।
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