रांची, 8 अक्टूबर 2026: रांची विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार में गुरुवार को पीजी स्तर के युवा महोत्सव सह चयन प्रतियोगिता ‘मांदर 2026’ का रंगारंग आगाज हुआ। दो दिवसीय इस आयोजन में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को कला, संगीत, साहित्य और संस्कृति से जुड़ी विभिन्न विधाओं में प्रतिभा दिखाने का मंच मिल रहा है।
राष्ट्रगीत और कुलगीत से हुआ शुभारंभ
महोत्सव का उद्घाटन पद्मश्री महावीर नायक, विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. राजकुमार शर्मा, डीएसडब्ल्यू डॉ. सुदेश कुमार साहु और कला एवं संस्कृति निदेशक डॉ. आनंद ठाकुर समेत अन्य अधिकारियों ने किया।
कार्यक्रम की शुरुआत पीएफए विभाग के विद्यार्थियों की ओर से राष्ट्रगीत और विश्वविद्यालय के कुलगीत की प्रस्तुति से हुई। उद्घाटन सत्र में विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभागार का माहौल उत्सवमय बना दिया।
कला और संस्कृति को शिक्षा का अहम हिस्सा बताया
कुलपति प्रो. सरोज शर्मा ने कहा कि खेल, कला, संस्कृति और संगीत भारतीय जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उनके मुताबिक इन गतिविधियों से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का समग्र विकास होता है।
उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी लोगों को शुभकामनाएं देते हुए विद्यार्थियों से पूरे उत्साह के साथ प्रतियोगिताओं में भाग लेने की अपील की।
प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का होगा चयन
डीएसडब्ल्यू डॉ. सुदेश कुमार साहु ने बताया कि ‘मांदर 2026’ के माध्यम से विभिन्न प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। चयनित प्रतिभागियों को आगे जोनल, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजनों में विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिल सकता है।
कला एवं संस्कृति निदेशक डॉ. आनंद ठाकुर ने प्रतियोगिताओं और आयोजन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी।
झारखंड की पहचान से जुड़ा है ‘मांदर’
मुख्य अतिथि पद्मश्री महावीर नायक ने संगीत को मन को शांति देने वाला माध्यम बताया। उन्होंने झारखंड के लोक संगीत और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की विशेषताओं पर भी चर्चा की।
उन्होंने कहा कि मांदर झारखंड की सांस्कृतिक पहचान से गहराई से जुड़ा हुआ है। मांदर को जियो टैग मिलने के सम्मान में ही युवा महोत्सव का नाम ‘मांदर’ रखा गया है। उनके अनुसार झारखंड का गीत, संगीत और नृत्य प्रकृति तथा जनजीवन से जुड़े हैं।
कुलसचिव डॉ. राजकुमार शर्मा ने भी कहा कि भारत की पहचान उसकी समृद्ध कला परंपरा से रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं।
पहले दिन कई प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने दिखाया हुनर
महोत्सव के पहले दिन विद्यार्थियों ने विभिन्न विधाओं में हिस्सा लिया। इनमें एकांकी, रंगोली, क्ले मॉडलिंग, शास्त्रीय गायन, शास्त्रीय वाद्य यंत्र, पाश्चात्य वाद्य यंत्र, भारतीय सुगम गायन और कोलाज जैसी प्रतियोगिताएं शामिल रहीं।
इसके अलावा प्रश्नोत्तरी, हिंदी और अंग्रेजी वाग्मिता, ऑन-स्पॉट पेंटिंग तथा हिंदी-अंग्रेजी वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का भी आयोजन हुआ।
उद्घाटन समारोह में विद्यार्थियों की नृत्य-नाटिका और मांदर वादन ने झारखंड की लोक संस्कृति की झलक पेश की। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के प्रमुख, निदेशक, शिक्षक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।
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