हजारीबाग, 8 अक्टूबर 2026: शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर गुरुवार को कई मुद्दे उठाए गए। सांसद मनीष जायसवाल के मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) सुनील कुमार वर्मा से मुलाकात कर अस्पताल की व्यवस्थाओं पर चर्चा की।
ट्रॉमा सेंटर में वरिष्ठ डॉक्टरों की मांग
मुलाकात के दौरान ट्रॉमा सेंटर में 24 घंटे वरिष्ठ चिकित्सकों की उपलब्धता का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। सांसद प्रतिनिधि ने वरिष्ठ फिजिशियन और सर्जन की नियमित ड्यूटी सुनिश्चित करने की मांग की।
उनका कहना था कि गंभीर मरीजों को समय पर विशेषज्ञ इलाज मिलने से उपचार की प्रक्रिया बेहतर हो सकती है और जरूरत नहीं होने पर दूसरे अस्पतालों में रेफर करने की स्थिति भी कम होगी।
एक महीने से बंद है सी-आर्म मशीन
आर्थोपेडिक विभाग में इस्तेमाल होने वाली सी-आर्म मशीन करीब एक महीने से खराब बताई गई है। इसको लेकर तत्काल मरम्मत कराने की मांग की गई। साथ ही अस्पताल में एक अतिरिक्त सी-आर्म मशीन उपलब्ध कराने का सुझाव भी दिया गया।
सी-आर्म मशीन का इस्तेमाल कई तरह की आर्थोपेडिक और सर्जिकल प्रक्रियाओं के दौरान किया जाता है। ऐसे में मशीन खराब रहने से मरीजों को परेशानी होने की बात सामने आई है।
नई मशीन खरीदने की प्रक्रिया भी जारी
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने बताया कि खराब मशीन को जल्द ठीक कराने के लिए संबंधित स्तर पर निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा नई सी-आर्म मशीन की खरीद की प्रक्रिया भी चल रही है।
अस्पताल की खराब लिफ्टों को चालू कराने का विषय भी बैठक में उठाया गया। प्राचार्य ने इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया।
जनवरी में नए परिसर में जा सकती है ओपीडी
मेडिकल कॉलेज के नए भवन को लेकर भी प्राचार्य ने महत्वपूर्ण जानकारी दी। उनके अनुसार भवन का काम दिसंबर 2026 के अंत तक पूरा होकर हैंडओवर होने की उम्मीद है।
भवन उपलब्ध होने के बाद जनवरी 2027 में सदर अस्पताल परिसर में संचालित ओपीडी को मेडिकल कॉलेज के नए परिसर में स्थानांतरित करने की तैयारी की जा सकती है।
500 बेड के अस्पताल भवन से बढ़ेंगी सुविधाएं
मेडिकल कॉलेज परिसर में 500 बेड के आधुनिक अस्पताल भवन का निर्माण किया जा रहा है। नए परिसर में चिकित्सा सेवाओं के स्थानांतरित होने के बाद मरीजों को एक ही जगह पर अधिक व्यवस्थित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।
अस्पताल की मशीनों, चिकित्सकों की उपलब्धता और बुनियादी सुविधाओं को लेकर उठाए गए मुद्दों पर अब कॉलेज प्रबंधन की कार्रवाई पर नजर रहेगी।
BHARATSUPERFASTNEWS
