पटना: पेशाब में जलन, बार-बार पेशाब लगना, धार कमजोर होना, रुक-रुककर पेशाब आना या मात्रा अचानक कम हो जाना जैसी समस्याओं को लंबे समय तक नजरअंदाज करना ठीक नहीं है। विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसे लक्षण कभी-कभी किडनी स्टोन, यूरिनरी इंफेक्शन, प्रोस्टेट संबंधी परेशानी या मूत्र तंत्र की अन्य बीमारियों से जुड़े हो सकते हैं।
पटना में आयोजित बिहार यूरोलॉजी सोसायटी ऑफ इंडिया के 12वें वार्षिक सम्मेलन में विशेषज्ञों ने मूत्र संबंधी बीमारियों की पहचान, आधुनिक उपचार और बचाव के उपायों पर चर्चा की।
किन लक्षणों में तुरंत चिकित्सकीय सलाह जरूरी?
विशेषज्ञों ने बताया कि पेशाब में खून आना, तेज कमर दर्द, बुखार के साथ पेशाब की समस्या या पेशाब पूरी तरह रुक जाना जैसे संकेतों को गंभीरता से लेना चाहिए।
खासकर पेशाब बहुत कम आने या बिल्कुल नहीं आने की स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता लेना जरूरी हो सकता है। ऐसी स्थिति का कारण जानने के लिए चिकित्सकीय जांच आवश्यक है।
किडनी स्टोन में पानी और जांच पर जोर
सम्मेलन में किडनी की पथरी से जुड़े उपचार पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने पर्याप्त पानी पीने और भोजन में अत्यधिक नमक से बचने की सलाह दी।
जिन लोगों को बार-बार पथरी होती है, उन्हें इसके कारणों की चिकित्सकीय जांच कराने की सलाह दी गई। पथरी का उपचार उसके आकार, स्थान और मरीज की स्थिति के आधार पर तय किया जाता है। हर मामले में सर्जरी जरूरी नहीं होती, लेकिन लगातार दर्द या बड़ी पथरी होने पर विशेषज्ञ की सलाह महत्वपूर्ण है।
आधुनिक तकनीक से पथरी का इलाज
सम्मेलन के दौरान IGIMS के यूरोलॉजी ऑपरेशन थिएटर में काठमांडू से आए डॉ. संजय खरगी ने छोटे छेद के जरिए किडनी की पथरी के उपचार की आधुनिक तकनीक का प्रदर्शन किया।
विशेषज्ञों ने बताया कि आधुनिक प्रक्रियाओं के जरिए कई मरीजों में कम चीरा लगाकर उपचार किया जा सकता है। हालांकि, किस तकनीक का इस्तेमाल किया जाए, इसका निर्णय मरीज की जांच रिपोर्ट और बीमारी की स्थिति के आधार पर किया जाता है।
पेशाब में खून को हल्के में न लें
विशेषज्ञों ने पेशाब में खून आने को भी महत्वपूर्ण चेतावनी संकेत बताया। इसके अलावा लगातार कमर या पेट में दर्द और बिना स्पष्ट कारण वजन कम होने जैसी समस्याओं में चिकित्सकीय जांच की जरूरत हो सकती है।
सम्मेलन में अहमदाबाद से आए डॉ. जमाल रिजनी ने लेप्रोस्कोपिक तकनीक से किडनी कैंसर की सर्जरी का प्रदर्शन किया। चिकित्सकों के अनुसार कैंसर की शुरुआती पहचान होने पर उपचार के विकल्प अधिक प्रभावी ढंग से तय किए जा सकते हैं।
बुजुर्ग पुरुषों में प्रोस्टेट की समस्या
उम्र बढ़ने के साथ पुरुषों में प्रोस्टेट बढ़ने की समस्या देखी जा सकती है। इसके कारण बार-बार पेशाब लगना, रात में कई बार पेशाब के लिए उठना, पेशाब शुरू करने में कठिनाई और धार कमजोर होने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
इन लक्षणों को केवल उम्र का सामान्य असर मानकर छोड़ने के बजाय यूरोलॉजिस्ट से परामर्श लेना उचित है। सम्मेलन में कोलकाता से आए डॉ. सुनील मल चौधरी ने सीएनएल सर्जरी से संबंधित जानकारी साझा की।
विशेषज्ञों ने दी ये जरूरी सलाह
- पेशाब में खून दिखे तो चिकित्सकीय सलाह लेने में देरी न करें।
- पेशाब अचानक बहुत कम हो जाए या रुक जाए तो इसे गंभीरता से लें।
- बार-बार किडनी स्टोन होने पर कारणों की जांच कराएं।
- पुरुषों में पेशाब से जुड़ी लगातार परेशानी होने पर प्रोस्टेट की जांच कराएं।
- पर्याप्त मात्रा में पानी पीना और ज्यादा नमक से बचना उपयोगी है।
- बिना डॉक्टर की सलाह के लंबे समय तक दर्द की दवा या एंटीबायोटिक न लें।
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