मुंबई: कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट और वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के बीच सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में नरमी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेशकों के बेहतर सेंटीमेंट का असर घरेलू बाजार पर भी दिखाई दिया। शुरुआती उतार-चढ़ाव के बाद निचले स्तरों से खरीदारी बढ़ी और प्रमुख सूचकांक मजबूती के साथ बंद हुए।
सेंसेक्स में 564 अंकों की बढ़त
बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स कारोबार के अंत में 564.03 अंक यानी 0.76 प्रतिशत बढ़कर 74,858.99 पर पहुंच गया। वहीं एनएसई का निफ्टी 50 भी 67.90 अंक यानी 0.29 प्रतिशत की तेजी के साथ 23,414.30 के स्तर पर बंद हुआ।
हालांकि, प्रमुख सूचकांकों की तुलना में व्यापक बाजार में उतनी मजबूती नहीं दिखी। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.29 प्रतिशत की गिरावट रही, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.07 प्रतिशत नीचे बंद हुआ।
क्रूड में गिरावट ने बढ़ाया निवेशकों का भरोसा
बाजार में तेजी के प्रमुख कारणों में कच्चे तेल की कीमतों में आई कमजोरी को माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में पिछले दो-तीन कारोबारी सत्रों के दौरान क्रूड करीब 7 प्रतिशत गिरकर 91.50 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया।
भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत कम होने से महंगाई और आयात लागत पर राहत मिलने की उम्मीद रहती है, जिसका असर निवेशकों की धारणा पर भी पड़ा।
इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका और ईरान के बीच संभावित कूटनीतिक बातचीत की उम्मीद तथा अमेरिका-चीन के बीच प्रस्तावित वार्ता को लेकर भी वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल बना।
FMCG और फार्मा शेयरों में खरीदारी
सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो निवेशकों की दिलचस्पी डिफेंसिव और कंज्यूमर आधारित क्षेत्रों में अधिक रही। FMCG, फार्मा, हेल्थकेयर, रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स में मजबूती देखने को मिली।
प्रमुख शेयरों में इटरनल, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस बढ़त दर्ज करने वाले शेयरों में शामिल रहे। दूसरी ओर, मेटल और सरकारी बैंकों के शेयरों पर मुनाफावसूली का दबाव रहा।
निफ्टी के लिए 23,500-23,600 अहम स्तर
तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, निफ्टी में बना शॉर्ट टर्म रिकवरी ट्रेंड फिलहाल कायम है। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक ऊपर की ओर 23,500 से 23,600 का क्षेत्र महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस हो सकता है। वहीं नीचे 23,300 और 23,200 के स्तर को सपोर्ट जोन माना जा रहा है।
रुपये को भी क्रूड की नरमी का फायदा
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का असर मुद्रा बाजार में भी देखने को मिला। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 0.11 प्रतिशत मजबूत होकर 95.81 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया।
बाजार विशेषज्ञों के अनुमान के मुताबिक आने वाले दिनों में रुपये में 95.45 से 96.15 के दायरे में कारोबार देखने को मिल सकता है।
