ऑस्ट्रेलिया के महावाणिज्य दूत बर्नार्ड लिंच से मुलाकात के दौरान कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा, खनिज, खेल और पर्यटन में साझेदारी की संभावनाओं पर विचार
रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कोलकाता स्थित ऑस्ट्रेलिया के महावाणिज्य दूत बर्नार्ड लिंच से मुलाकात की। बैठक में झारखंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच आपसी सहयोग को मजबूत करने तथा विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी की संभावनाओं पर चर्चा हुई। ऑस्ट्रेलिया के महावाणिज्य दूत के तौर पर बर्नार्ड लिंच की नियुक्ति मार्च 2026 में हुई थी।
बैठक के दौरान कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा, नई तकनीक, नवाचार, खनिज संसाधन, खेल और पर्यटन जैसे क्षेत्रों को लेकर विचार-विमर्श किया गया। इसके अलावा झारखंड और ऑस्ट्रेलिया की आदिवासी संस्कृति तथा पारंपरिक ज्ञान में मौजूद समानताओं पर भी चर्चा हुई।
कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा में सहयोग की संभावना
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड में प्राकृतिक संसाधनों के साथ-साथ मानव संसाधन और आदिवासी विरासत की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। इन क्षेत्रों में ऑस्ट्रेलिया के अनुभव, विशेषज्ञता और संस्थागत सहयोग का लाभ उठाया जा सकता है।
बैठक में तकनीकी शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण को रोजगार से जोड़ने, युवाओं के लिए नए अवसर तैयार करने तथा आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर भी बातचीत हुई।
खनिज क्षेत्र में ऑस्ट्रेलियाई अनुभव का उपयोग
झारखंड खनिज संपदा के लिहाज से महत्वपूर्ण राज्य है। ऐसे में खनन, खनिज प्रसंस्करण और इससे जुड़ी आधुनिक तकनीकों के क्षेत्र में ऑस्ट्रेलिया के अनुभव को उपयोगी माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने राज्य के खनिज संसाधनों और औद्योगिक क्षमता का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों पक्ष मिलकर तकनीक, विशेषज्ञता और संस्थानों के माध्यम से सहयोग के नए रास्ते तलाश सकते हैं। ऑस्ट्रेलिया की भारत के पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्यों के साथ खनन उपकरण, तकनीक और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में रुचि भी रही है।
खेल, पर्यटन और आदिवासी संस्कृति पर भी चर्चा
बैठक में खेल और पर्यटन के क्षेत्र में संभावित साझेदारी को लेकर भी विचार साझा किए गए। झारखंड की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय परंपराएं और सांस्कृतिक विविधता को पर्यटन विकास के लिए महत्वपूर्ण आधार बताया गया।
दोनों पक्षों ने आदिवासी समुदायों के पारंपरिक ज्ञान और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े अनुभवों को साझा करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की। इससे सांस्कृतिक आदान-प्रदान और पर्यटन संबंधी सहयोग को बढ़ावा मिल सकता है।
लंबे समय की साझेदारी बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि बातचीत को आगे बढ़ाते हुए झारखंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच मजबूत तथा दीर्घकालिक साझेदारी विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने ऐसे सहयोग पर जोर दिया, जिससे दोनों पक्षों को लाभ मिले और राज्य में विकास, कौशल, तकनीक तथा निवेश के नए अवसर तैयार हों।
बैठक में हुई चर्चाओं को आगे बढ़ाने के लिए संबंधित क्षेत्रों में संभावनाओं की पहचान और भविष्य की साझेदारी पर काम किए जाने की बात कही गई।
