रांची: SIR ड्यूटी में लापरवाही पर सख्ती
झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों के खिलाफ अब अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि निर्वाचन कार्य में लगाए गए शिक्षकों की उपस्थिति और जिम्मेदारियों का नियमित रूप से निरीक्षण किया जाए।
शिक्षकों को रोज दर्ज करनी होगी उपस्थिति
SIR कार्य के लिए प्रतिनियुक्त शिक्षकों को प्रतिदिन उपस्थिति रजिस्टर में अपनी हाजिरी दर्ज करनी होगी। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि संबंधित शिक्षक अपनी ड्यूटी पर मौजूद हैं या नहीं और उन्हें सौंपे गए निर्वाचन कार्य को पूरा कर रहे हैं या नहीं।
निर्देश के अनुसार, यदि कोई शिक्षक प्रतिनियुक्ति के बावजूद काम में रुचि नहीं लेता, निर्धारित जिम्मेदारी पूरी नहीं करता या जानबूझकर लापरवाही करता है, तो उसके खिलाफ तथ्यात्मक रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई शुरू की जाएगी।
अतिरिक्त शिक्षकों को स्कूल वापस भेजने का निर्देश
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि SIR कार्य के लिए शिक्षकों की जरूरत के अनुसार ही प्रतिनियुक्ति की जानी चाहिए। जरूरत से अधिक शिक्षकों को निर्वाचन कार्य में लगाए जाने से स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
इसी को देखते हुए अतिरिक्त शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति समाप्त कर उन्हें विद्यालयों में वापस भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
पढ़ाई और निर्वाचन कार्य में संतुलन जरूरी
निर्वाचन विभाग का कहना है कि SIR का कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा करना आवश्यक है। दूसरी ओर, विद्यालयों में बच्चों की पढ़ाई भी बाधित नहीं होनी चाहिए।
इसलिए उपलब्ध मानव संसाधन का बेहतर इस्तेमाल करते हुए दोनों जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाने पर जोर दिया गया है। प्रतिनियुक्त शिक्षकों के समय और सेवाओं का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने को कहा गया है।
16 सितंबर तक मांगी गई शिक्षकों की सूची
सभी जिलों में SIR के लिए प्रतिनियुक्त शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की विधानसभा क्षेत्रवार सूची तैयार करने का निर्देश दिया गया है।
यह सूची 16 सितंबर की शाम 5 बजे तक उपलब्ध कराने को कहा गया है।
शिक्षा विभाग ने उठाया था पढ़ाई प्रभावित होने का मुद्दा
शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी और स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमाशंकर सिंह के बीच चर्चा हुई थी।
इस दौरान शिक्षा विभाग की ओर से बताया गया कि कुछ विद्यालयों में SIR ड्यूटी के नाम पर शिक्षक नियमित पढ़ाई नहीं करा रहे हैं। कुछ शिक्षकों के अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने की बात भी सामने आई थी।
इससे विद्यालयों में पठन-पाठन प्रभावित होने की शिकायत की गई। इसके बाद निर्वाचन कार्य में लगे शिक्षकों की उपस्थिति, जिम्मेदारी और प्रतिनियुक्ति की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं।
