पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बांकीपुर उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी को मिली हार को लेकर खुलकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्वीकार किया कि चुनाव परिणाम पार्टी के लिए चिंता का विषय है और संगठन के स्तर पर हुई कमियों की समीक्षा की जा रही है।
एएनआई के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बीजेपी इस नतीजे को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी एक विधानसभा सीट के परिणाम को पूरे बिहार के राजनीतिक जनादेश के तौर पर नहीं देखा जा सकता।
बांकीपुर के नतीजे से BJP को लेना होगा सबक
सम्राट चौधरी ने माना कि बांकीपुर में पार्टी से कुछ चूक हुई है। उनके मुताबिक, बीजेपी के नेता और कार्यकर्ता इस परिणाम का आकलन कर रहे हैं और जहां भी कमियां सामने आएंगी, उन्हें दूर करने की कोशिश की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने इस हार को पार्टी के लिए ‘अलार्मिंग’ बताते हुए कहा कि संगठन के स्तर पर सुधार की जरूरत को समझा गया है। उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी अपने चुनावी और संगठनात्मक कामकाज की समीक्षा करेगी।
एक सीट से पूरे बिहार का मूड तय नहीं होता
बांकीपुर उपचुनाव के परिणाम को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी एक सीट के चुनावी नतीजे को पूरे प्रदेश की जनता का फैसला मानना सही नहीं होगा।
उन्होंने अतीत के उपचुनावों का उदाहरण देते हुए कहा कि कई बार उपचुनाव में किसी दल को नुकसान उठाना पड़ता है, लेकिन बाद के चुनावों में तस्वीर अलग रही है। इसलिए बिहार की राजनीतिक स्थिति समझने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों के परिणाम और वहां के मतदाताओं के रुख को देखना जरूरी है।
सम्राट चौधरी ने भागलपुर, पूर्णिया, मोतिहारी, सारण और शाहाबाद जैसे क्षेत्रों का भी उल्लेख किया और कहा कि प्रदेश का राजनीतिक मूड केवल एक विधानसभा क्षेत्र से तय नहीं किया जा सकता।
विधायकों को जनता के लिए काम करने की नसीहत
मुख्यमंत्री ने निर्वाचित प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जनता ने जिस उम्मीद के साथ विधायक को चुना है, उस पर खरा उतरना उनकी जिम्मेदारी है।
उनके मुताबिक, विधायकों को अपने क्षेत्र के लोगों के लिए प्रभावी ढंग से काम करना चाहिए। सरकार की भी जिम्मेदारी है कि वह विकास और जनहित से जुड़े कामों को आगे बढ़ाए। अंततः जनता ही तय करेगी कि चुने हुए प्रतिनिधियों ने कैसा प्रदर्शन किया।
प्रशांत किशोर को लेकर क्या बोले सम्राट चौधरी?
बातचीत के दौरान जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर को लेकर भी मुख्यमंत्री से सवाल किया गया। बांकीपुर चुनाव के दौरान प्रशांत किशोर द्वारा की गई टिप्पणियों के संदर्भ में सम्राट चौधरी ने कहा कि उनकी किसी व्यक्ति से निजी लड़ाई नहीं है।
प्रशांत किशोर पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें जो करना है, करने दिया जाए। उन्होंने व्यक्तिगत विवाद से खुद को दूर बताते हुए कहा कि उनका ध्यान बिहार के विकास और सरकार के कामकाज पर है।
‘जिसे जो कहना है कहने दें, हम अपना काम करेंगे’
सम्राट चौधरी ने कहा कि राजनीति में अलग-अलग लोगों की अपनी राय और बयान हो सकते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि वह व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप में उलझने के बजाय सरकार के काम पर ध्यान देना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अगर कोई व्यक्ति उनके खिलाफ कानूनी रास्ता अपनाता है तो संविधान के तहत उसे ऐसा करने का अधिकार है। उनका जोर इस बात पर रहा कि सरकार अपना काम करती रहेगी और जनता के हित में फैसले लिए जाएंगे।
बांकीपुर के परिणाम को लेकर मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद अब यह देखना अहम होगा कि बीजेपी संगठनात्मक स्तर पर किन बदलावों और सुधारों की दिशा में आगे बढ़ती है।
