Tuesday, August 18, 2026

Jharkhand Student Protest: 24 दिन के आंदोलन के बाद छात्रों में खुशी, तिरंगे के साथ मनाया जीत का जश्न.

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रांची: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर लंबे समय से चल रहा छात्र आंदोलन सोमवार रात एक अहम मोड़ पर पहुंचा। मोरहाबादी मैदान स्थित बापू वाटिका के पास 24 दिनों से आंदोलन कर रहे छात्रों के बीच सरकार के फैसले की जानकारी पहुंचते ही खुशी का माहौल बन गया। कई छात्रों की आंखों में खुशी के आंसू थे और आंदोलन स्थल पर तिरंगे लहराते नजर आए।

परीक्षाओं में पारदर्शिता को लेकर उठी थी आवाज

छात्रों का आंदोलन झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC), झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के आरोपों के विरोध में शुरू हुआ था। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय करने की रही।

छात्रों का कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में उन्हें वर्षों का समय, मेहनत और आर्थिक संसाधन लगाना पड़ता है। आवेदन शुल्क, कोचिंग, किताबों और परीक्षा केंद्र तक आने-जाने पर होने वाला खर्च भी परिवारों पर आर्थिक दबाव डालता है। ऐसे में परीक्षा से जुड़ी किसी भी अनियमितता का सीधा असर अभ्यर्थियों और उनके परिवारों पर पड़ता है।

24 दिनों तक जारी रहा प्रदर्शन

अपनी मांगों को लेकर बड़ी संख्या में छात्र लगातार आंदोलन में शामिल रहे। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कई तरह की परेशानियों का सामना किया और आंदोलन स्थल पर डटे रहने का फैसला किया। प्रदर्शनकारियों का दावा रहा कि दबाव और मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपनी मांगों से पीछे हटने से इनकार किया।

आंदोलन के दौरान छात्रों और प्रशासन के बीच तनाव की स्थिति भी बनी। प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई और मामलों को लेकर भी चर्चा होती रही। इसके बावजूद छात्र परीक्षा व्यवस्था में सुधार और कथित अनियमितताओं के खिलाफ अपनी आवाज उठाते रहे।

सरकार के फैसले के बाद बदला माहौल

सोमवार रात छात्रों को जानकारी मिली कि मुख्यमंत्री की ओर से टीडीएल द्वारा आयोजित परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया गया है। यह खबर आंदोलन स्थल पर पहुंचते ही प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बीच उत्साह फैल गया।

लंबे समय से प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने तिरंगा हाथ में लेकर खुशी जताई। कई छात्र भावुक नजर आए। आंदोलन स्थल पर देशभक्ति के नारे भी लगाए गए और छात्रों ने इसे अपने संघर्ष की बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा।

छात्रों ने कहा- भविष्य के लिए जारी रहेगा संघर्ष

प्रदर्शन में शामिल छात्रों के लिए यह आंदोलन केवल किसी एक परीक्षा से जुड़ा मुद्दा नहीं था। उनका कहना था कि परीक्षा प्रक्रिया में भरोसा और पारदर्शिता युवाओं के भविष्य के लिए बेहद जरूरी है।

24 दिनों के इस आंदोलन में छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर लगातार दबाव बनाए रखा। अब परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले के बाद उनकी नजर आगे की प्रक्रिया पर है। छात्रों की उम्मीद है कि भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय तरीके से किया जाएगा।

नोट: यह पुनर्लेखन दिए गए मूल पाठ की तथ्यात्मक जानकारी पर आधारित है, लेकिन भाषा, संरचना, शीर्षक और प्रस्तुति को पूरी तरह नए तरीके से लिखा गया है।

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