Monday, August 17, 2026

PM-VBRY योजना से पहली नौकरी पर युवाओं को आर्थिक प्रोत्साहन, ₹15 हजार तक मिलेंगे.

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नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने पहली बार औपचारिक क्षेत्र में नौकरी शुरू करने वाले युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) शुरू की है। योजना का उद्देश्य युवाओं को फॉर्मल रोजगार से जोड़ने के साथ-साथ देश में नए रोजगार के अवसर बढ़ाना है।

यह योजना 1 अगस्त 2025 से लागू है और 31 जुलाई 2027 तक जारी रहने का प्रावधान है। इसके लिए सरकार ने 99,446 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। योजना के तहत 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें करीब 1.92 करोड़ पहली बार नौकरी करने वाले युवाओं को शामिल किया गया है।

पहली नौकरी पर मिलेगा ₹15 हजार तक लाभ

PM-VBRY के तहत पहली बार फॉर्मल सेक्टर में नौकरी पाने वाले ऐसे कर्मचारी पात्र हो सकते हैं, जिनका मासिक वेतन 1 लाख रुपये तक है। पात्र कर्मचारी को एक महीने के EPF वेतन के बराबर प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, जिसकी अधिकतम सीमा 15,000 रुपये है।

यह रकम दो चरणों में मिलने का प्रावधान है। पहली किस्त छह महीने की नौकरी पूरी होने के बाद और दूसरी किस्त 12 महीने की सेवा पूरी करने के साथ निर्धारित वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूरा करने पर दी जाएगी।

नियोक्ताओं को भी मिलेगा इंसेंटिव

योजना में कर्मचारियों के साथ कंपनियों को भी प्रोत्साहन दिया गया है। पात्र नए कर्मचारियों को कम से कम छह महीने तक रोजगार देने वाली कंपनियों को प्रति कर्मचारी हर महीने 3,000 रुपये तक की सहायता मिल सकती है।

मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में रोजगार को बढ़ावा देने के लिए इस प्रोत्साहन को निर्धारित शर्तों के तहत तीसरे और चौथे वर्ष तक भी जारी रखने का प्रावधान है।

डिजिटल तरीके से होगा पूरा प्रोसेस

योजना की प्रक्रिया को डिजिटल रखा गया है। EPFO और UMANG के माध्यम से कर्मचारियों का सत्यापन किया जाता है। पात्र लाभार्थियों को मिलने वाली राशि DBT के जरिए सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाती है।

ऐसे शुरू करें आवेदन की प्रक्रिया

नियोक्ताओं को PM-VBRY के आधिकारिक पोर्टल पर EPFO क्रेडेंशियल्स के जरिए लॉगिन करना होता है। इसके बाद PAN से जुड़े बैंक खाते की जानकारी अपडेट की जाती है।

पहली बार नौकरी शुरू करने वाले कर्मचारियों को UMANG ऐप के माध्यम से फेस ऑथेंटिकेशन की मदद से UAN जनरेट करना होता है। इसके बाद नियोक्ता पोर्टल पर पात्र कर्मचारी की जानकारी दर्ज करता है।

निर्धारित अवधि तक नौकरी पूरी करने के बाद पात्रता और सत्यापन के आधार पर प्रोत्साहन राशि कर्मचारी के आधार से जुड़े बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। योजना की पात्रता और आवेदन से जुड़ी नवीनतम शर्तों की जानकारी आवेदन से पहले आधिकारिक पोर्टल पर जांचना उचित है।

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