Saturday, August 8, 2026

देवघर के त्रिकुट पर्वत को फिर पर्यटन केंद्र बनाने की तैयारी, रोपवे सेवा बहाल करने पर काम तेज.

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देवघर: धार्मिक पर्यटन के लिए प्रसिद्ध देवघर में अब प्राकृतिक और इको टूरिज्म को बढ़ावा देने की दिशा में भी पहल की जा रही है। इसी क्रम में त्रिकुट पर्वत को एक बार फिर प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना पर काम शुरू किया गया है। इसके तहत लंबे समय से बंद पड़े त्रिकुट रोपवे को दोबारा चालू करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।

पर्यटन विभाग के निदेशक नमन प्रियेश लकड़ा के अनुसार, राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों को बेहतर सुविधाओं से जोड़ने की योजना बनाई जा रही है। देवघर के साथ लातेहार, रामगढ़ और पतरातू को भी पर्यटन के लिहाज से विकसित करने पर विभाग का फोकस है।

सुरक्षा जांच के बाद ही शुरू होगा रोपवे

त्रिकुट रोपवे को दोबारा शुरू करने को लेकर पर्यटन विभाग सावधानी बरत रहा है। विभाग का कहना है कि पिछली घटना को देखते हुए इस बार तकनीकी और इंजीनियरिंग पहलुओं की पूरी जांच की जाएगी। सभी जरूरी सुरक्षा मानकों को पूरा करने के बाद ही रोपवे सेवा शुरू करने का निर्णय लिया जाएगा।

पर्यटन विभाग से जुड़े प्रस्तावों पर स्टेट टूरिज्म प्रमोशन काउंसिल (STPC) स्तर पर भी विचार किया जा रहा है। ये प्रस्ताव जिला पर्यटन प्रोत्साहन परिषद (DTPC) के माध्यम से भेजे जा रहे हैं।

धार्मिक पर्यटन के साथ इको टूरिज्म पर जोर

सरकार की योजना देवघर को केवल धार्मिक पर्यटन तक सीमित रखने की नहीं है। त्रिकुट पर्वत, नंदन पहाड़ और आसपास के प्राकृतिक स्थलों को जोड़कर इको टूरिज्म को विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

विभाग का मानना है कि प्राकृतिक स्थलों पर बेहतर पर्यटन सुविधाएं विकसित होने से देवघर आने वाले पर्यटकों को नए अनुभव मिलेंगे और क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों का विस्तार होगा।

लातेहार और पतरातू में भी नई योजनाएं

पर्यटन विभाग के मुताबिक राज्य के दूसरे क्षेत्रों में भी नई परियोजनाओं की तैयारी है। लातेहार में ग्लास ब्रिज विकसित करने की योजना पर काम किया जा रहा है। इससे एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। रामगढ़ और पतरातू में भी पर्यटन से जुड़ी योजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।

रोपवे बंद होने से कारोबार पर पड़ा असर

त्रिकुट पर्वत के आसपास रहने वाले स्थानीय कारोबारियों और लोगों के लिए पर्यटन गतिविधियां आय का महत्वपूर्ण स्रोत हैं। रोपवे बंद होने के बाद क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों की संख्या और स्थानीय कारोबार पर असर पड़ा है। ऐसे में रोपवे सेवा दोबारा शुरू होने से स्थानीय दुकानदारों और पर्यटन से जुड़े लोगों को आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।

अगर रोपवे सेवा सुरक्षा मानकों के साथ फिर शुरू होती है और प्रस्तावित पर्यटन परियोजनाएं समय पर जमीन पर उतरती हैं, तो देवघर में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिल सकती है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ झारखंड के पर्यटन क्षेत्र को भी मजबूती मिलने की संभावना है।

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