रांची: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने विवादित भर्ती परीक्षाओं की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने, दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने और नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग की है।
प्रदेश भाजपा के महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने प्रेसवार्ता में कहा कि केंद्र सरकार ने पेपर लीक रोकने के लिए कानून बनाया है, जबकि झारखंड में भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2019 के बाद से विभिन्न भर्ती प्रक्रियाओं में कथित गड़बड़ियां सामने आई हैं, जिससे युवाओं का भरोसा प्रभावित हुआ है।
भर्ती परीक्षाओं को लेकर लगाए कई आरोप
भाजपा ने जूनियर इंजीनियर भर्ती, उत्पाद सिपाही भर्ती और JSSC CGL परीक्षा सहित विभिन्न भर्ती प्रक्रियाओं का उल्लेख करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। पार्टी का आरोप है कि इन परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोपों की स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके।
अमर कुमार बाउरी ने परीक्षा संचालन से जुड़ी एक निजी एजेंसी की भूमिका पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि पूरे मामले में प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता की भी जांच होनी चाहिए।
CID जांच पर भी उठाए सवाल
भाजपा नेता ने राज्य की जांच एजेंसी CID की कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि मामले की जांच स्वतंत्र एजेंसी से कराई जानी चाहिए। उनका दावा है कि सभी विवादित भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच केवल CBI के माध्यम से ही संभव है।
मुख्यमंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेने की मांग
भाजपा ने कहा कि यदि भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं, तो सरकार को इसकी जवाबदेही तय करनी चाहिए। पार्टी ने मुख्यमंत्री से नैतिक आधार पर इस्तीफा देने की मांग दोहराते हुए कहा कि जिन परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियां हुई हैं, उनकी समीक्षा कर आवश्यक निर्णय लिया जाना चाहिए।
आंदोलन की घोषणा
भाजपा ने युवाओं के मुद्दे को लेकर राज्यव्यापी आंदोलन तेज करने की घोषणा की है। पार्टी के अनुसार, संगठनात्मक स्तर पर मशाल जुलूस निकाले जाएंगे और इसके बाद सभी जिलों में युवा मोर्चा के नेतृत्व में प्रदर्शन आयोजित कर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया जाएगा।
भाजपा ने मांग की है कि विवादित भर्ती मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ त्वरित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भर्ती प्रक्रिया में युवाओं का विश्वास बहाल हो सके।
