ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की चाल और उनके राशि परिवर्तन को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. ग्रह समय-समय पर अपनी राशि और नक्षत्र बदलते हैं, जिसका सीधा असर मानव जीवन, करियर, धन, स्वास्थ्य और रिश्तों पर पड़ता है. इसी क्रम में आगामी 8 जून 2026 को भौतिक सुख, प्रेम, समृद्धि और आकर्षण के कारक ग्रह शुक्र मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं. लखनऊ के ज्योतिषाचार्य डॉ. उमाशंकर मिश्र के अनुसार शुक्र का यह गोचर कुछ राशियों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण समय लेकर आ रहा है. इस अवधि में कई राशियों को पारिवारिक तनाव, बढ़ते खर्चों और निर्णय लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन 3 विशेष राशियों को इस दौरान अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
1. मेष राशि: सामाजिक छवि और संपत्ति के मामलों में बाधा
मेष राशि के जातकों के लिए शुक्र का यह गोचर कई चुनौतियां लेकर आ सकता है. इस दौरान परिवार के भीतर मतभेद बढ़ने की प्रबल आशंका है, जिससे आपसी रिश्तों में दूरियां आ सकती हैं. आपको कार्यक्षेत्र और समाज में अपनी छवि के प्रति विशेष रूप से सतर्क रहना होगा. इसके अलावा, संपत्ति, वाहन या विलासिता की वस्तुओं से जुड़े मामलों में रुकावटें आ सकती हैं. यात्राओं में असुविधा और योजनाओं में देरी होने की संभावना है. भाग्य का साथ न मिलने से अटके हुए काम और रुक सकते हैं, साथ ही अचानक खर्च बढ़ने से धन हानि के योग भी हैं.
2. धनु राशि: मानसिक तनाव और बच्चों की चिंता
धनु राशि के लोगों के लिए शुक्र का गोचर मिलाजुला लेकिन काफी चुनौतीपूर्ण रहेगा. परिवार में चल रहे पुराने विवाद सुलझने के बजाय और बढ़ सकते हैं, जिससे मानसिक तनाव का सामना करना पड़ेगा. जीवनसाथी या प्रेम संबंधों में गलतफहमियां पैदा हो सकती हैं. नौकरी के इंटरव्यू या प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को मनमुताबिक परिणाम मिलने में देरी हो सकती है. संतान पक्ष की ओर से कोई चिंताजनक समाचार मिल सकता है, जिससे मन अशांत रहेगा. सामाजिक स्तर पर भी संभलकर चलने की जरूरत है.
3. कुंभ राशि: करियर में निराशा और पारिवारिक कलह
कुंभ राशि के जातकों को भी इस गोचर काल में संभलकर रहना होगा. पारिवारिक मामलों में तनाव और असहमति बढ़ने से घर का माहौल बिगड़ सकता है. नौकरी, इंटरव्यू या किसी बड़ी परीक्षा में मनचाहा परिणाम न मिलने से निराशा हाथ लग सकती है. आपको अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा और पद-प्रतिष्ठा को लेकर बेहद सतर्क रहना होगा. बच्चों से जुड़ी कोई समस्या आपके मानसिक तनाव को बढ़ा सकती है, इसलिए ऐसे समय में धैर्य और समझदारी से काम लेना ही सबसे बेहतर विकल्प होगा.
नकारात्मक प्रभाव से बचने के अचूक उपाय
ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, शुक्र के अशुभ प्रभाव को कम करने और आर्थिक तंगी से बचने के लिए शुक्रवार के दिन अनावश्यक और फिजूलखर्ची पर पूरी तरह नियंत्रण रखें. इसके अलावा, रिश्तों और धन से जुड़ी बाधाओं को दूर करने के लिए नियमित रूप से शुक्र देव के विशेष मंत्र “ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः” का जाप करें. इस अवधि में दिखावे की चीजों, अत्यधिक विलासिता और फिजूल के आकर्षण पर पैसा बहाने से बचें, अन्यथा आप पर गंभीर आर्थिक दबाव बढ़ सकता है.


