स्कॉटलैंड के ग्लास्गो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का रविवार को भव्य समापन हो गया। 11 दिनों तक चले इस बहु-खेल आयोजन में भारतीय दल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 39 पदक अपने नाम किए और पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा। समापन समारोह के दौरान भारत को 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की आधिकारिक मेजबानी भी सौंपी गई, जिसका आयोजन गुजरात के अहमदाबाद में होगा।
भारत ने जीते 39 पदक
इस संस्करण में भारत ने 122 खिलाड़ियों का दल उतारा था। भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 39 पदक जीते, जिनमें 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदक शामिल हैं। सीमित खेलों के कार्यक्रम के बावजूद भारत ने लगातार दूसरी बार चौथा स्थान हासिल किया।
हालांकि, यह पदक संख्या 2022 के बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में जीते गए 61 पदकों से कम रही, लेकिन इस बार प्रतियोगिता में कई ऐसे खेल शामिल नहीं थे जिनमें भारत पारंपरिक रूप से मजबूत प्रदर्शन करता रहा है।
छोटे दल के बावजूद बरकरार रही मजबूत मौजूदगी
भारत ने इस बार चार वर्ष पहले की तुलना में काफी छोटा दल भेजा था। इसके बावजूद टीम ने चौथा स्थान बरकरार रखा और बेहतर पदक रूपांतरण (मेडल कन्वर्जन) दर दर्ज की। भारतीय दल के 38 खिलाड़ी कम से कम एक पदक जीतने में सफल रहे।
लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह इस प्रतियोगिता में दो पदक जीतने वाले एकमात्र भारतीय खिलाड़ी रहे।
पदक तालिका में ऑस्ट्रेलिया शीर्ष पर
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की पदक तालिका में ऑस्ट्रेलिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 70 स्वर्ण सहित कुल 171 पदकों के साथ पहला स्थान हासिल किया। इंग्लैंड 110 पदकों के साथ दूसरे और कनाडा 62 पदकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
भारत और मेजबान स्कॉटलैंड दोनों ने 39-39 पदक जीते, लेकिन अधिक स्वर्ण पदक होने के कारण भारत चौथे स्थान पर रहा।
अहमदाबाद करेगा 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी
समापन समारोह के दौरान कॉमनवेल्थ गेम्स का आधिकारिक ध्वज और बैटन भारत को सौंपा गया। इस अवसर पर ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा, भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष पी.टी. उषा और गुजरात सरकार के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
2030 में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन अहमदाबाद में किया जाएगा। यह कॉमनवेल्थ गेम्स का शताब्दी संस्करण होगा। इससे पहले भारत ने वर्ष 2010 में नई दिल्ली में इस प्रतियोगिता की सफल मेजबानी की थी। इसके साथ ही भारत ऑस्ट्रेलिया के बाद दूसरा ऐसा देश बन जाएगा, जिसे कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी दूसरी बार मिली है।
समापन समारोह में दिखी भारत और स्कॉटलैंड की सांस्कृतिक झलक
ग्लास्गो में आयोजित समापन समारोह की शुरुआत स्कॉटलैंड की सांस्कृतिक विरासत को समर्पित प्रस्तुतियों से हुई। इसके बाद भारत की विविध संस्कृति, लोक परंपराओं और कला का रंगारंग प्रदर्शन किया गया।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण भारतीय और स्कॉटिश कलाकारों की संयुक्त सांस्कृतिक प्रस्तुति रही, जिसने 2026 के मेजबान ग्लास्गो से 2030 के मेजबान अहमदाबाद तक मेजबानी के हस्तांतरण का प्रतीकात्मक संदेश दिया।
जैस्मिन लैम्बोरिया रहीं भारत की ध्वजवाहक
भारतीय मुक्केबाज और नई कॉमनवेल्थ चैंपियन जैस्मिन लैम्बोरिया को समापन समारोह में भारतीय दल का ध्वजवाहक चुना गया। उन्होंने समापन पर तिरंगा लेकर भारतीय दल का नेतृत्व किया और खिलाड़ियों के सफल अभियान का प्रतिनिधित्व किया।
ग्लास्गो में शानदार प्रदर्शन के बाद अब भारतीय खेल प्रेमियों की निगाहें वर्ष 2030 पर हैं, जब अहमदाबाद कॉमनवेल्थ गेम्स के ऐतिहासिक 100वें संस्करण की मेजबानी करेगा।
