रांची, 29 अक्टूबर 2026: झारखंड के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचान दिलाने के उद्देश्य से आयोजित ‘झारखंड स्कूल आइडल 2026’ का ग्रैंड फिनाले 31 अक्टूबर को रांची के ऑड्रे हाउस में आयोजित होगा। इस राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में गायन और नृत्य के चयनित प्रतिभागी अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।
ग्रैंड फिनाले से पहले 29 और 30 अक्टूबर को झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (JCERT), रांची परिसर में प्रतिभागियों के लिए प्रशिक्षण और प्रतिभा निखारने की गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसी दौरान एलिमिनेशन राउंड के माध्यम से अंतिम मुकाबले के लिए प्रतिभागियों का चयन किया जाएगा।
24 जिलों के करीब 7 हजार विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा
झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से आयोजित इस प्रतियोगिता में राज्य के सभी 24 जिलों से करीब 7,000 विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता का जिला स्तरीय चरण 14 से 16 अक्टूबर के बीच आयोजित किया गया था।
इसके बाद 22 से 26 अक्टूबर तक जमशेदपुर, हजारीबाग, दुमका, रांची और पलामू में प्रमंडल स्तरीय प्रतियोगिताएं हुईं। इन प्रतियोगिताओं में चयनित 288 विद्यार्थियों ने गायन और नृत्य में अपनी प्रतिभा दिखाई। राज्यस्तरीय प्रशिक्षण और एलिमिनेशन प्रक्रिया के बाद इनमें से 40 प्रतिभागियों को ग्रैंड फिनाले में प्रदर्शन का अवसर मिलेगा।
गायन और नृत्य के विशेषज्ञ करेंगे मूल्यांकन
ग्रैंड फिनाले में प्रतिभागियों के प्रदर्शन का आकलन संगीत और नृत्य जगत से जुड़े कलाकार एवं विशेषज्ञ करेंगे।
गायन प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में असलम खान, प्लेबैक सिंगर ममता रावत और दोयेल गोस्वामी शामिल हैं। वहीं, नृत्य प्रतियोगिता में अलीशा सिंह, प्रिया वर्मा, हिप हॉप इंडिया के विजेता राहुल भगत और शास्त्रीय नृत्यांगना गार्गी मलकानी निर्णायक की भूमिका निभाएंगे।
विशेषज्ञों की मौजूदगी में विद्यार्थियों को अपनी कला प्रदर्शित करने और अनुभवी कलाकारों से सीखने का अवसर मिलेगा।
ग्रामीण और दूरदराज के बच्चों को आगे बढ़ाने की पहल
राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी धीरसेन ए. सोरेंग के अनुसार, झारखंड स्कूल आइडल का प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण और सुदूरवर्ती क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं की पहचान करना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए उचित मंच उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि सही मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिलने पर विद्यार्थी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं। ऐसे आयोजन बच्चों में आत्मविश्वास, रचनात्मकता और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने में भी सहायक हैं।
कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने और आयोजन के संचालन में भारतीय लोक कल्याण संस्थान तकनीकी सहयोग दे रहा है।
अब सबकी निगाहें 31 अक्टूबर को होने वाले ग्रैंड फिनाले पर टिकी हैं, जहां चयनित 40 प्रतिभागी गायन और नृत्य के जरिए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
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