Sunday, September 27, 2026

11 साल बाद 226 ठेका मजदूरों के पक्ष में फैसला, कंपनी को ₹2.50 करोड़ भुगतान का आदेश.

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जमशेदपुर: करीब 11 साल से चले आ रहे कानूनी संघर्ष के बाद यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसील) की बांदूहुड़ांग माइंस में वर्ष 2013 में काम करने वाले 226 ठेका मजदूरों को राहत मिली है। धनबाद ट्रिब्यूनल कोर्ट ने संबंधित ठेका कंपनी गल्फ ऑयल कॉरपोरेशन को मजदूरों के पक्ष में करीब 2.50 करोड़ रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है।

रविवार को तुरामडीह स्थित यूसील मेन गेट के सामने झारखंड क्रांतिकारी मजदूर यूनियन (जेकेएमयू) की कोल्हान समिति की बैठक हुई। बैठक में यूनियन के केंद्रीय महामंत्री डीसी गोहाई ने ट्रिब्यूनल कोर्ट के आदेश की प्रति पढ़कर मजदूरों को सुनाई और मामले की जानकारी दी।

2013 से लंबित था मामला

यूनियन के अनुसार, वर्ष 2013 में बांदूहुड़ांग माइंस में कार्यरत रहे 226 ठेका मजदूरों ने बकाया श्रम राशि और वैधानिक लाभ नहीं मिलने को लेकर कानूनी लड़ाई शुरू की थी। मामला लंबे समय तक अदालत में लंबित रहा। अब ट्रिब्यूनल कोर्ट के आदेश के बाद मजदूरों को उनके दावे के तहत राशि मिलने का रास्ता साफ हुआ है।

यूनियन के केंद्रीय महामंत्री डीसी गोहाई ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह मजदूरों की लंबे समय से चली आ रही लड़ाई का परिणाम है। उन्होंने इसे श्रमिकों की एकजुटता और न्यायिक प्रक्रिया में विश्वास की जीत बताया।

आदेश का जल्द हो अनुपालन : जेकेएमयू

जेकेएमयू के संयुक्त महासचिव सागर बेसरा ने कहा कि ठेका मजदूर किसी भी खनन परियोजना के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनके वेतन, सामाजिक सुरक्षा और अन्य श्रम अधिकारों की रक्षा जरूरी है।

यूनियन के उपाध्यक्ष बाबूलाल मुर्मू ने मांग की कि ट्रिब्यूनल कोर्ट के आदेश का जल्द अनुपालन कराया जाए और सभी 226 मजदूरों को देय राशि पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराई जाए।

जेकेएमयू ने कहा कि बांदूहुड़ांग समेत यूसील की विभिन्न परियोजनाओं में काम करने वाले श्रमिकों के वेतन, बोनस, सामाजिक सुरक्षा और अन्य श्रम अधिकारों को लेकर संगठन आगे भी अपनी गतिविधियां जारी रखेगा।

बैठक में बाबूलाल मुर्मू, सुपाई सोरेन, ओराम माझी, दासो मुर्मू, गोविंद मार्डी, गुड़रा टुडू, श्यामल कोड़ा, कुशनू मार्डी, नंदी गुईया, मीनी भूमिज, सुखमति बेसरा, राधे मार्डी, जासई सोरेन, संग्राम मुर्मू, मंगल हेम्ब्रम, शिबू सोरेन, भीम सोरेन, जदुनाथ हांसदा, सलखन टुडू, राजाराम हांसदा, उदय कुंकल, धीरेन सुंडी, तुलसी माझी, भागमत मुर्मू, प्रधान मार्डी, लाखन टुडू समेत बड़ी संख्या में मजदूर मौजूद थे।

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