नई दिल्लीः सितंबर का महीना खत्म होने के साथ ही 1 अक्टूबर 2026 से कई वित्तीय और उपभोक्ता मामलों से जुड़े बदलाव चर्चा में हैं। इनमें LPG सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा, ATM से नकद निकासी पर संभावित शुल्क, FD की ब्याज दरों की जानकारी, NRI से प्रॉपर्टी खरीदने पर TDS प्रक्रिया और इलेक्ट्रॉनिक सामान की कीमतों से जुड़े बदलाव शामिल हैं।
इनमें से कुछ बदलाव कंपनियों या संबंधित संस्थाओं की आधिकारिक घोषणा के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होंगे। ऐसे में ग्राहकों के लिए जरूरी है कि वे लागू नियम और शुल्क की पुष्टि संबंधित बैंक, कंपनी या सरकारी पोर्टल से करें।
LPG सिलेंडर के नए रेट पर नजर
तेल विपणन कंपनियां आम तौर पर हर महीने की पहली तारीख को LPG और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों की समीक्षा करती हैं। ऐसे में 1 अक्टूबर को घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर के नए दाम सामने आ सकते हैं।
दिए गए आंकड़ों के मुताबिक फिलहाल 14.2 किलोग्राम के घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत दिल्ली में 942 रुपये, कोलकाता में 968 रुपये, मुंबई में 941.50 रुपये और चेन्नई में 957.50 रुपये है।
अक्टूबर में कीमत बढ़ेगी या घटेगी, यह संबंधित तेल कंपनियों की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।
LPG सब्सिडी से जुड़े मामलों में आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण या ई-केवाईसी की जरूरत की भी चर्चा है। इसके अलावा कुछ स्थानों पर पहले से इस्तेमाल हो रही LPG डिलीवरी के समय मोबाइल OTP से ग्राहक सत्यापन की व्यवस्था को व्यापक स्तर पर लागू किए जाने की खबरें हैं।
SBI ATM से कैश निकालना पड़ सकता है महंगा
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया यानी SBI के कुछ ग्राहकों के लिए ATM से नकद निकासी से जुड़ी शुल्क व्यवस्था में बदलाव की बात सामने आई है।
जानकारी के मुताबिक, BSBD (Basic Savings Bank Deposit) खातों में हर महीने चार मुफ्त निकासी की सुविधा होती है। इस सीमा के बाद अतिरिक्त ATM निकासी पर 15 रुपये और लागू GST लिया जा सकता है।
SBI के सैलरी अकाउंट ग्राहकों के लिए भी मुफ्त ATM लेनदेन की सीमा से जुड़ा शुल्क लागू होने की बात कही गई है। निर्धारित मुफ्त सीमा पार करने के बाद नकद निकासी पर 23 रुपये और GST तथा मुफ्त गैर-वित्तीय लेनदेन की सीमा पार करने पर 11 रुपये और GST का शुल्क लग सकता है।
FD की ब्याज दरों की जानकारी में पारदर्शिता
फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD कराने वाले ग्राहकों के लिए भी ब्याज दरों से जुड़ी जानकारी महत्वपूर्ण होगी। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के निर्देशों के तहत बैंकों को FD की ब्याज दरों की जानकारी अपनी वेबसाइट पर नियमित रूप से अपडेट करने की व्यवस्था बताई गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, ब्याज दरों की जानकारी हर दिन सुबह 10 बजे तक अपडेट किए जाने की बात कही गई है, ताकि ग्राहक निवेश से पहले उस दिन लागू दरों को देख सकें।
समान अवधि और समान श्रेणी की एक ही तारीख पर स्वीकार की गई FD पर ब्याज दरों में मनमाना अंतर नहीं किया जा सकेगा। इसके अलावा बल्क डिपॉजिट पर ब्याज दरों और संबंधित शर्तों के लिए भी निर्धारित नियमों का पालन करना होगा।
NRI से प्रॉपर्टी खरीदने वालों के लिए TDS प्रक्रिया में बदलाव
अगर कोई व्यक्ति या HUF किसी NRI से अचल संपत्ति खरीदता है, तो TDS से जुड़ी प्रक्रिया में बदलाव उसके लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
दिए गए विवरण के अनुसार, 1 अक्टूबर 2026 से ऐसे निवासी खरीदारों को TDS प्रक्रिया के लिए अलग Tax Deduction Account Number (TAN) लेने की आवश्यकता नहीं होगी। खरीदार अपने PAN का इस्तेमाल करके TDS काटने, सरकार के खाते में जमा करने और संबंधित जानकारी दाखिल करने की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।
इससे NRI से संपत्ति खरीदने वाले लोगों की कागजी प्रक्रिया कम हो सकती है। हालांकि, संपत्ति के मूल्य, लागू TDS दर और अन्य कर संबंधी शर्तें मामले के अनुसार अलग हो सकती हैं।
जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र को लेकर भी बदलाव की चर्चा
जन्म और मृत्यु के रजिस्ट्रेशन से जुड़ी प्रक्रिया में बदलाव को लेकर भी चर्चा है। सामान्य तौर पर जन्म या मृत्यु की घटना का पंजीकरण 21 दिनों के भीतर कराने की व्यवस्था है।
इस अवधि के बाद पंजीकरण कराने पर इसे विलंबित पंजीकरण माना जाता है और अतिरिक्त प्रक्रिया पूरी करनी पड़ सकती है। देरी की स्थिति में जुर्माना, अतिरिक्त दस्तावेज और कुछ मामलों में देरी का कारण बताने से जुड़े प्रावधान लागू हो सकते हैं।
TV, फ्रिज और AC की कीमतों पर भी असर संभव
त्योहारी सीजन के बीच टीवी, फ्रिज, AC और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना की खबरें भी सामने आई हैं। कच्चे माल, परिवहन और उत्पादन लागत में वृद्धि होने पर कंपनियां उत्पादों की कीमतों में बदलाव कर सकती हैं।
कुछ रिपोर्टों में करीब 8 फीसदी तक कीमत बढ़ने की संभावना बताई गई है। हालांकि, इसका असर सभी कंपनियों और उत्पादों पर समान होगा, यह जरूरी नहीं है। वास्तविक कीमत संबंधित कंपनियों की घोषणा और बाजार में उपलब्ध उत्पादों पर निर्भर करेगी।
ग्राहकों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
1 अक्टूबर से जुड़े संभावित बदलावों के बीच ग्राहकों को किसी भी शुल्क या कीमत में बदलाव की पुष्टि आधिकारिक स्रोत से करनी चाहिए। खासकर LPG, बैंकिंग शुल्क, FD ब्याज दर और टैक्स से जुड़े मामलों में लागू नियमों को देखकर ही कोई वित्तीय निर्णय लेना उचित होगा।
BharatSuperFastNews | बिजनेस डेस्क
