हल्द्वानी, 29 सितंबर 2026: उत्तराखंड की युवा टेबल टेनिस खिलाड़ी कायरा भंडारी ने कम उम्र में एक और शानदार उपलब्धि अपने नाम की है। हल्द्वानी में आयोजित स्टेज-3 उत्तराखंड स्टेट रैंकिंग टेबल टेनिस चैंपियनशिप 2026 में कायरा ने चार अलग-अलग वर्गों में हिस्सा लेकर चारों में स्वर्ण पदक जीते।
कायरा ने अंडर-15, अंडर-17, अंडर-19 और सीनियर महिला वर्ग में पहला स्थान हासिल किया। इससे पहले पौड़ी में भी वह इसी तरह चार वर्गों में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं।
चार वर्गों में उतरीं, चारों में गोल्ड
हल्द्वानी प्रतियोगिता में कायरा का प्रदर्शन खास रहा। उन्होंने अपनी उम्र से बड़े खिलाड़ियों के बीच मुकाबला करते हुए चारों श्रेणियों में शीर्ष स्थान हासिल किया।
- अंडर-15 — गोल्ड मेडल
- अंडर-17 — गोल्ड मेडल
- अंडर-19 — गोल्ड मेडल
- सीनियर महिला — गोल्ड मेडल
इस उपलब्धि के साथ उन्होंने 2026 में राज्य रैंकिंग प्रतियोगिताओं में दूसरी बार चार अलग-अलग वर्गों में चार स्वर्ण पदक जीतने का रिकॉर्ड बनाया।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान
कायरा की उपलब्धियां सिर्फ राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं तक सीमित नहीं हैं। वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भी भारत और उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।
कम उम्र में ही बड़े आयु वर्गों में प्रतिस्पर्धा करना उनके खेल करियर की खास बात रही है।
पढ़ाई के साथ रोजाना कई घंटे अभ्यास
कायरा की सफलता के पीछे नियमित अभ्यास और अनुशासन अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि वह रोजाना करीब 8 घंटे खेल को देती हैं, जबकि बाकी समय पढ़ाई के लिए रखती हैं।
कायरा ने छोटी उम्र में ही टेबल टेनिस की राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी जगह बनानी शुरू कर दी थी।
2023 में राष्ट्रीय रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम
कायरा का नाम 2023 में टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया के आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज हुआ। इसके बाद 2024 में उन्होंने अंडर-15 जैसे बड़े आयु वर्ग की राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व किया।
2025 में भी उन्होंने अलग-अलग आयु वर्गों में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया। उपलब्ध रिकॉर्ड के मुताबिक, उन्होंने अंडर-15 और अंडर-19 में पहला स्थान हासिल किया, जबकि अंडर-13, अंडर-17 और महिला वर्ग में भी शीर्ष स्थानों पर जगह बनाई।
कोविड के दौरान टेबल टेनिस से जुड़ा सफर
कायरा का खेल सफर टेबल टेनिस से शुरू नहीं हुआ था। उनकी मां लतिका भंडारी के मुताबिक, कायरा पहले लॉन टेनिस खेलती थीं। उनकी फुर्ती और तेज मूवमेंट को देखते हुए उन्हें टेबल टेनिस आजमाने की सलाह दी गई।
इसके बाद कायरा ने धीरे-धीरे इस खेल में अपनी पकड़ मजबूत की और राज्य स्तर पर शीर्ष खिलाड़ियों में अपनी जगह बनाई।
मां का सपना—अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व
कायरा की मां लतिका भंडारी का कहना है कि हल्द्वानी में चार स्वर्ण पदक जीतकर उनकी बेटी ने अपने पिछले प्रदर्शन को दोहराया है। अब उनका सपना है कि कायरा भविष्य में अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करें।
कम उम्र में लगातार मिल रही सफलताओं के बीच कायरा का सफर उत्तराखंड के टेबल टेनिस में एक उभरती प्रतिभा के रूप में आगे बढ़ रहा है।
