हजारीबाग: लोकनायक जयप्रकाश नारायण की 124वीं जयंती के अवसर पर हजारीबाग स्थित केंद्रीय कारा परिसर में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के पदाधिकारियों और सदस्यों ने हिस्सा लिया। इस दौरान जयप्रकाश नारायण के विचारों और उनके आंदोलन को याद करते हुए उनके बताए रास्ते पर चलने का संदेश दिया गया।
प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया नमन
जयंती समारोह में अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के जिलाध्यक्ष दीपक नाथ सहाय के नेतृत्व में सदस्यों ने जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर पुष्पमाला चढ़ाई और उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने लोकनायक के सम्मान में नारे भी लगाए।
कार्यक्रम में अनिल कुमार लाल, राजीव रंजन, अरुण वर्मा, शशिकांत प्रसाद, प्रमोद कुमार, शशि भूषण प्रसाद और नरेश गुप्ता समेत कई लोग मौजूद रहे।
सत्ता के साथ व्यवस्था परिवर्तन पर भी था जोर
अपने संबोधन में दीपक नाथ सहाय ने जयप्रकाश नारायण के आंदोलन और उनके विचारों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लोकनायक केवल सत्ता में बदलाव के पक्षधर नहीं थे, बल्कि व्यवस्था में व्यापक परिवर्तन को भी जरूरी मानते थे।
उन्होंने जयप्रकाश नारायण के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके विचार आज भी समाज और राजनीति के लिए प्रासंगिक हैं। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने उनके आदर्शों को याद किया और उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया।
समारोह का उद्देश्य लोकनायक जयप्रकाश नारायण के जीवन, संघर्ष और विचारधारा को स्मरण करना तथा नई पीढ़ी तक उनके संदेश को पहुंचाना रहा।
