हजारीबाग में यूनिपोल/बिलबोर्ड विज्ञापन व्यवस्था पर उठे सवाल, विवेका इंटरप्राइजेज़ के बाद अजीम आर्ट की भी जाँच की मांग
हजारीबाग में यूनिपोल और बिलबोर्ड विज्ञापन व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। पहले विवेका इंटरप्राइजेज़ द्वारा लगभग 170 यूनिपोल/बिलबोर्ड लगाए जाने और उससे जुड़े टैक्स, अनुमति, स्थल आवंटन तथा कैफेटेरिया पार्क जैसे मामलों की जाँच की मांग उठी थी। अब हजारीबाग के ही प्रिंटिंग एवं विज्ञापन कार्य से जुड़े अजीम आर्ट का मामला भी सामने आया है।
- जानकारी के अनुसार, अजीम आर्ट द्वारा शहर में लगभग 100 से 150 बिलबोर्ड/विज्ञापन बोर्ड लगाए जाने की बात कही जा रही है। आरोप है कि इन बिलबोर्डों का कोई स्पष्ट हिसाब-किताब उपलब्ध नहीं है और न ही इनकी स्थापना, अनुमति, स्थान, आकार, अवधि और टैक्स भुगतान की विधिवत जाँच अब तक सामने आई है।
- स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि अजीम आर्ट द्वारा लगाए गए बिलबोर्ड कब से स्थापित हैं, किस अनुमति के आधार पर लगाए गए, किन-किन स्थानों पर लगाए गए और इनसे संबंधित टैक्स किस दर से निर्धारित किया गया। यह भी आरोप है कि बिलबोर्डों का टैक्स बहुत न्यूनतम दर पर तय किया गया है, जबकि वास्तविक आकार, स्थान और व्यावसायिक उपयोग के अनुसार इसकी विधिवत समीक्षा होनी चाहिए।
- मांग की जा रही है कि संबंधित विभाग अजीम आर्ट के सभी बिलबोर्ड/विज्ञापन बोर्डों की स्थलवार जाँच करे और यह स्पष्ट करे कि—
- कुल कितने बिलबोर्ड लगाए गए हैं।
- प्रत्येक बिलबोर्ड किस स्थान पर और कब से स्थापित है।
- किस अधिकारी/विभाग से अनुमति प्राप्त की गई।
- बिलबोर्ड का आकार, अवधि और विज्ञापन श्रेणी क्या है।
- टैक्स किस आधार पर और किस दर से निर्धारित किया गया।
- अब तक कितना टैक्स/शुल्क जमा हुआ और कितना बकाया है।
- यदि न्यूनतम टैक्स लगाकर सरकारी राजस्व की क्षति हुई है, तो जिम्मेदारी तय की जाए।
इस पूरे मामले में भारत सुपरफास्ट न्यूज़ भी अपने स्तर से तथ्यों, दस्तावेजों और स्थल की जानकारी जुटाकर स्वतंत्र जाँच कर रहा है। संबंधित विभागों से अपेक्षा है कि वे यूनिपोल और बिलबोर्ड विज्ञापन व्यवस्था की पारदर्शी, निष्पक्ष और दस्तावेज आधारित जाँच कराएं, ताकि यदि किसी प्रकार की अनियमितता, राजस्व क्षति या नियमों का उल्लंघन पाया जाए, तो विधि-सम्मत कार्रवाई हो सके।
भारत सुपरफास्ट न्यूज़, हजारीबाग।


