Saturday, June 20, 2026

भारत के वरिष्ठ आईएएस (IAS) अधिकारी विवेक अग्रवाल को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) का नया उपाध्यक्ष चुना गया है.

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वैश्विक मंच पर भारत को एक बड़ी कामयाबी मिली है. भारत के वरिष्ठ आईएएस (IAS) अधिकारी विवेक अग्रवाल को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) का नया उपाध्यक्ष चुना गया है. यह पहला मौका है जब इस शक्तिशाली अंतरराष्ट्रीय संस्था में किसी भारतीय को इतने बड़े पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है. फ्रांस की राजधानी पेरिस में आयोजित एफएटीएफ की एक महत्वपूर्ण बैठक में इस फैसले पर मुहर लगाई गई. इस ऐतिहासिक उपलब्धि से पूरी दुनिया में भारत का मान बढ़ा है.

कौन हैं आईएएस विवेक अग्रवाल?
विवेक अग्रवाल मध्य प्रदेश कैडर के 1994 बैच के अनुभवी आईएएस अधिकारी हैं. वह वर्तमान में भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय में सचिव के पद पर कार्यरत हैं. इस नए पद पर उनका कार्यकाल जुलाई 2026 से शुरू होकर जून 2027 तक एक साल के लिए रहेगा. वह यूनाइटेड किंगडम (UK) के जाइल्स थॉमसन का स्थान लेंगे. विवेक अग्रवाल को वित्तीय मामलों और अंतरराष्ट्रीय नियमों का गहरा अनुभव है. इससे पहले वह केंद्रीय वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग में अतिरिक्त सचिव रह चुके हैं और एफएटीएफ में भारतीय दल का नेतृत्व भी कर चुके हैं.

“वैश्विक वित्तीय प्रणाली रहेगी सुरक्षित” — विवेक अग्रवाल
इस बड़ी नियुक्ति पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए विवेक अग्रवाल ने कहा कि यह संगठन मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फाइनेंसिंग के खिलाफ भारत के कड़े कदमों और मजबूत नीतियों को दर्शाता है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह दुनिया की वित्तीय प्रणाली को सुरक्षित, पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए पूरी ईमानदारी से काम करेंगे. भारत सरकार और विदेश मंत्रालय ने भी इस फैसले का स्वागत किया है. विशेषज्ञों का मानना है कि इस पद पर भारतीय अधिकारी के आने से आतंकवाद को मिलने वाली फंडिंग पर रोक लगाने में भारत की भूमिका और ज्यादा मजबूत होगी.

क्या है FATF और भारत की स्थिति?
भारत साल 2010 से एफएटीएफ का पूर्ण सदस्य है. हाल ही में हुए ‘म्यूचुअल इवैल्यूएशन’ में भारत के शानदार प्रदर्शन और डिजिटल पेमेंट सिस्टम की सुरक्षा को देखते हुए दुनिया के देशों ने भारत को यह बड़ी जिम्मेदारी दी है. एफएटीएफ (FATF) एक अंतरराष्ट्रीय संस्था है, जो दुनिया भर में मनी लॉन्ड्रिंगऔर टेरर फाइनेंसिंग जैसी अवैध गतिविधियों पर नजर रखती है और उन्हें रोकने के लिए कड़े नियम बनाती है. भारत का इस पद पर पहुंचना यह साबित करता है कि आज आर्थिक सुरक्षा के मामलों में पूरी दुनिया भारत की नीतियों का लोहा मानती है.

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