मुंबई: भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन बेहद निराशाजनक रहा. सोमवार को शुरुआती बढ़त गंवाते हुए दोनों प्रमुख सूचकांक भारी गिरावट के साथ बंद हुए. FMCG, पीएसयू बैंक, ऑटो और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में जोरदार बिकवाली के कारण बाजार पर भारी दबाव देखा गया. कारोबार के अंत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स 508.40 अंक (0.68%) फिसलकर 74,267.34 पर बंद हुआ. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 165.15 अंक (0.70%) टूटकर 23,382.60 के स्तर पर बंद हुआ.
निफ्टी का तकनीकी ढांचा कमजोर
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, निफ्टी के 23,500 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे जाने के कारण बाजार का शॉर्ट-टर्म चार्ट स्ट्रक्चर कमजोर हो गया है. विशेषज्ञों का मानना है कि अब नीचे की ओर 23,300–23,250 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट जोन के रूप में काम करेगा. यदि बाजार में और गिरावट आती है, तो यह स्तर काफी महत्वपूर्ण होगा. दूसरी तरफ, बाजार में किसी भी सुधार की स्थिति में अब 23,500 पर तत्काल रेजिस्टेंस (अवरोध) देखने को मिलेगा, जिसके बाद 23,600–23,750 पर बड़ा रेजिस्टेंस ज़ोन मौजूद है.
चौतरफा बिकवाली से सहमे निवेशक
आज गिरावट का असर सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि व्यापक बाजार में भी भारी बिकवाली देखी गई. मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में निवेशकों ने जमकर मुनाफावसूली की. इसके चलते निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 1.45 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.88 प्रतिशत टूटकर बंद हुआ.
गिरने और बढ़ने वाले प्रमुख शेयर
सेक्टर के लिहाज से आज निफ्टी एफएमसीजी (FMCG) सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा. इसके बाद पीएसयू बैंक, ऑटो और रियल्टी इंडेक्स में भी बड़ी गिरावट रही. निफ्टी के प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL), श्रीराम फाइनेंस और टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स सबसे आगे रहे. इसके अलावा आईटीसी (ITC), एनटीपीसी (NTPC), महिंद्रा एंड महिंद्रा, कोटक महिंद्रा बैंक और बजाज फाइनेंस के शेयरों में 2.83 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई.
दूसरी तरफ, आईटी (IT), मेटल और मीडिया सेक्टर्स ने बाजार को और अधिक गिरने से बचा लिया. सेंसेक्स के शेयरों में टेक महिंद्रा, इंफोसिस, टीसीएस (TCS) और एचसीएल टेक (HCL Tech) आज के टॉप गेनर्स (मुनाफा कमाने वाले शेयर) रहे.
वैश्विक और घरेलू कारण
ग्लोबल फ्रंट पर, निवेशक अमेरिका और ईरान के बीच संभावित कूटनीतिक सुधार की खबरों पर नजर बनाए हुए हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस बयान के बाद कि वॉशिंगटन ईरान के साथ परमाणु हथियारों को लेकर एक डील की कोशिश कर रहा है, वैश्विक बाजारों में हलचल है. घरेलू मोर्चे पर, निवेशक आगामी आरबीआई (RBI) की मौद्रिक नीति समीक्षा और जीडीपी (GDP) के आंकड़ों को लेकर सतर्क हैं, जो बाजार को आगे की दिशा देंगे.


