मुंबई | 13 अक्टूबर 2026: भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। पिछले कारोबारी सत्र की गिरावट के बाद बाजार ने मजबूत वापसी की। आईटी और बैंकिंग कंपनियों के शेयरों में खरीदारी, रुपये में मजबूती और LTCG टैक्स को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बयान से निवेशकों की धारणा को सहारा मिला।
कारोबार समाप्त होने पर बीएसई सेंसेक्स 1,109.10 अंक यानी 1.54 प्रतिशत की बढ़त के साथ 73,033.78 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 358.60 अंक यानी 1.60 प्रतिशत चढ़कर 22,721.95 के स्तर पर पहुंच गया। रिपोर्ट के मुताबिक, सेंसेक्स की यह चार महीनों की सबसे बड़ी एकदिवसीय तेजी रही।
सेंसेक्स और निफ्टी में जोरदार उछाल
मंगलवार के कारोबार में प्रमुख सूचकांकों ने अच्छी बढ़त दर्ज की। सेंसेक्स दिन के ऊंचे स्तर के करीब बंद हुआ, जबकि निफ्टी में भी मजबूत तेजी देखने को मिली।
बाजार में आई इस तेजी के पीछे आईटी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी की अहम भूमिका रही। इसके अलावा बैंकिंग और अन्य बड़ी कंपनियों के शेयरों ने भी बाजार को ऊपर ले जाने में योगदान दिया।
हालांकि, एक दिन की तेजी से बाजार में आगे भी लगातार बढ़त बने रहने की गारंटी नहीं मिलती। निवेशकों को बाजार की चाल पर नजर रखते हुए सावधानी बरतने की जरूरत है।
HCL टेक के नतीजों से IT शेयरों में तेजी
मंगलवार को आईटी सेक्टर के शेयरों में खास उत्साह देखने को मिला। HCL टेक्नोलॉजीज का शेयर 8.28 प्रतिशत चढ़कर बंद हुआ। कंपनी ने जुलाई-सितंबर तिमाही यानी वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में 5,132 करोड़ रुपये का समेकित शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल की समान अवधि से 21.18 प्रतिशत अधिक है।
HCL टेक के बेहतर नतीजों का असर दूसरे आईटी शेयरों पर भी देखने को मिला।
- TCS: 6.59 प्रतिशत की बढ़त
- टेक महिंद्रा: 4.90 प्रतिशत की बढ़त
- इंफोसिस: 4.44 प्रतिशत की बढ़त
- HCL टेक्नोलॉजीज: 8.28 प्रतिशत की बढ़त
कंपनी के तिमाही प्रदर्शन और आईटी शेयरों में खरीदारी ने बाजार की तेजी को मजबूती दी।
बैंकिंग और अन्य बड़ी कंपनियों के शेयर भी चढ़े
आईटी कंपनियों के अलावा कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों में भी तेजी रही। हिंदुस्तान यूनिलीवर, टाइटन, बजाज फिनसर्व, भारतीय स्टेट बैंक (SBI), HDFC बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा और ICICI बैंक जैसे शेयरों ने बाजार को सहारा दिया।
दूसरी ओर, कोटक महिंद्रा बैंक, एटरनल और मारुति सुजुकी के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। इससे स्पष्ट है कि बाजार में तेजी के बावजूद सभी कंपनियों के शेयरों में एक जैसी चाल नहीं रही।
LTCG और STT पर वित्त मंत्री के बयान से बढ़ी उम्मीद
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में LTCG यानी लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स और STT यानी सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स को लेकर निवेशकों के सुझाव सुनने की बात कही थी।
उनके बयान के बाद बाजार में संभावित टैक्स समीक्षा को लेकर चर्चा तेज हुई। निवेशकों को उम्मीद है कि आगामी बजट में इन करों से संबंधित मुद्दों पर विचार किया जा सकता है।
हालांकि, वित्त मंत्री ने अभी तक LTCG या STT की दरों में बदलाव की घोषणा नहीं की है। इसलिए किसी संभावित कर कटौती को तय मानना उचित नहीं होगा। वास्तविक स्थिति बजट 2027 में सरकार के आधिकारिक फैसले के बाद ही स्पष्ट होगी।
रुपये में मजबूती, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 41 पैसे मजबूत होकर 95.37 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ। रुपये में सुधार से विदेशी पूंजी की निकासी को लेकर बाजार की चिंताओं को कुछ राहत मिली।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत भी 1.66 प्रतिशत गिरकर 104.60 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भारत के लिए राहत का कारक हो सकती है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है।
हालांकि, रुपये की विनिमय दर और कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव का असर कई आर्थिक और वैश्विक कारकों पर निर्भर करता है।
वैश्विक बाजारों में मिला-जुला रुख
एशियाई बाजारों में मंगलवार को मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 5.46 प्रतिशत तक गिर गया, जबकि यूरोपीय बाजारों में बढ़त दर्ज की गई।
इसके बावजूद भारतीय बाजार में आईटी और बैंकिंग शेयरों की खरीदारी के दम पर प्रमुख सूचकांक मजबूती के साथ बंद हुए।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
मंगलवार की तेजी ने पिछले सत्र की गिरावट के बाद बाजार को राहत दी। HCL टेक के बेहतर तिमाही नतीजे, आईटी शेयरों में खरीदारी, रुपये में सुधार और संभावित टैक्स समीक्षा को लेकर उम्मीदें बाजार की धारणा को सहारा देने वाले कारकों में शामिल रहे।
फिर भी निवेशकों को केवल एक दिन की तेजी के आधार पर निवेश का फैसला नहीं लेना चाहिए। किसी भी शेयर में निवेश से पहले कंपनी के वित्तीय नतीजों, मूल्यांकन और जोखिमों का आकलन करना जरूरी है।
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