गयाजी | 13 अक्टूबर 2026: बिहार के गयाजी में नवरात्र के दौरान मां दुर्गा के एक भक्त की अनोखी साधना लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। शहर के सलेमपुर मोहल्ले में रहने वाले 22 वर्षीय शंकर कुमार अपने सीने पर नौ कलश रखकर नौ दिनों तक साधना कर रहे हैं। उनके मुताबिक, इस साधना का उद्देश्य अपने मोहल्ले, जिले, राज्य, देश और पूरी दुनिया में शांति की कामना करना है।
शंकर कुमार की इस साधना को देखने के लिए आसपास के क्षेत्रों से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, शंकर देवी दुर्गा के प्रति गहरी आस्था रखते हैं और कई वर्षों से नवरात्र का अनुष्ठान करते आ रहे हैं।
सीने पर नौ कलश रखकर नौ दिनों की साधना
गयाजी के सलेमपुर मोहल्ले में शंकर कुमार की साधना लोगों का ध्यान खींच रही है। इस बार उन्होंने नवरात्र के दौरान अपने सीने पर नौ कलश धारण करने का संकल्प लिया है। वह नौ दिनों तक इसी अवस्था में रहकर मां दुर्गा की आराधना कर रहे हैं।
शंकर के मुताबिक, इससे पहले वह नवरात्र में फलाहार करते थे, लेकिन इस बार उन्होंने अलग तरीके से साधना करने का निर्णय लिया। उनकी इस धार्मिक साधना को लेकर मोहल्ले में भी चर्चा है और श्रद्धालु उनके दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
देश और दुनिया में शांति की कामना
शंकर कुमार का कहना है कि उनकी साधना के पीछे कोई व्यक्तिगत मन्नत नहीं है। वह चाहते हैं कि समाज में शांति बनी रहे और सभी लोगों का कल्याण हो।
उन्होंने बताया कि उनकी कामना है कि उनके मोहल्ले से लेकर जिले, राज्य, देश और पूरी दुनिया में शांति का माहौल रहे। शंकर ने मां दुर्गा से सभी लोगों पर कृपा बनाए रखने और सबका भला करने की प्रार्थना की है।
उनके अनुसार, वह पूरे नवरात्र कलश धारण कर साधना जारी रखने का संकल्प लेकर बैठे हैं।
नवरात्र से दो दिन पहले सपने में मां दुर्गा के संकेत मिलने का दावा
शंकर कुमार का कहना है कि नवरात्र शुरू होने से दो दिन पहले मां दुर्गा उनके सपने में आई थीं। उनके मुताबिक, सपने में उन्हें इस तरह साधना करने का संकेत मिला, जिसके बाद उन्होंने नौ कलश धारण करने का निर्णय लिया।
शंकर ने बताया कि नवरात्र शुरू होते ही उन्होंने अनुष्ठान आरंभ कर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि साधना के दौरान वह बहुत सीमित मात्रा में घी और शहद ले रहे हैं तथा इसके अलावा कुछ नहीं खा रहे हैं।
यह शंकर कुमार का अपना बयान है। इतने दिनों तक बेहद सीमित भोजन करना स्वास्थ्य के लिए जोखिमपूर्ण हो सकता है। धार्मिक आस्था के साथ शरीर की सुरक्षा और स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी जरूरी है।
स्थानीय लोगों ने बैठक कर की व्यवस्था
सलेमपुर मोहल्ले के निवासी अनिल कुमार के अनुसार, शंकर ने नवरात्र से दो दिन पहले अपनी साधना की योजना के बारे में लोगों को बताया था। इसके बाद मोहल्ले की समिति ने बैठक कर आवश्यक तैयारियां कीं।
अनिल कुमार ने बताया कि शंकर शुरू से ही देवी मां के भक्त रहे हैं। वह मूल रूप से नवादा जिले के निवासी हैं और वर्तमान में सलेमपुर मोहल्ले में रहते हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, शंकर की साधना के पीछे शांति और जनकल्याण की भावना है। मोहल्ले के लोग इस दौरान उन्हें सहयोग दे रहे हैं।
आस्था के साथ स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी जरूरी
नवरात्र के दौरान देशभर में श्रद्धालु अलग-अलग तरीके से मां दुर्गा की आराधना करते हैं। गयाजी में शंकर कुमार की नौ कलश धारण करने की साधना भी इसी धार्मिक आस्था से जुड़ी है।
हालांकि, सीने पर कलश रखकर लंबे समय तक एक ही अवस्था में रहना और भोजन के स्थान पर केवल सीमित मात्रा में घी या शहद लेना स्वास्थ्य संबंधी जोखिम पैदा कर सकता है। ऐसी स्थिति में चिकित्सकीय निगरानी और पर्याप्त पोषण का ध्यान रखना जरूरी है।
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