सुपौल, 6 अक्टूबर 2026। सुपौल जिले में प्लास्टिक कचरे के निस्तारण के साथ उसके उपयोग को लेकर प्रशासन ने नई पहल पर जोर दिया है। उप विकास आयुक्त (DDC) इन्द्रवीर कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को हुई बैठक में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट से तैयार प्रोसेस्ड प्लास्टिक को सड़क निर्माण में इस्तेमाल करने की रणनीति पर चर्चा हुई।
बैठक में सड़क निर्माण से जुड़े विभिन्न विभागों के अभियंताओं को निर्देश दिया गया कि विभागीय नियमों के अनुरूप स्थानीय प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाइयों से उपलब्ध प्रोसेस्ड प्लास्टिक का अधिक से अधिक इस्तेमाल सुनिश्चित किया जाए।
सड़क निर्माण विभागों के अधिकारियों से हुई चर्चा
बैठक में ग्रामीण कार्य विभाग के वीरपुर, त्रिवेणीगंज और सुपौल प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता के अलावा पथ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता भी मौजूद रहे। अधिकारियों के साथ जिले में प्रस्तावित और चल रहे सड़क निर्माण कार्यों में प्रोसेस्ड प्लास्टिक के इस्तेमाल से जुड़े तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया।
DDC ने संबंधित अधिकारियों को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध प्रोसेस्ड प्लास्टिक को प्राथमिकता देने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
सुपौल में पांच प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट
बैठक के दौरान ग्रामीण कार्य विभाग के अभियंताओं ने बताया कि सड़क निर्माण में निर्धारित मात्रा में प्लास्टिक कचरे को मिलाने से सड़क की गुणवत्ता में सुधार में मदद मिल सकती है।
अधिकारियों के अनुसार, सुपौल जिले में पांच प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट संचालित हैं। इन इकाइयों में सड़क निर्माण के लिए उपयोग किए जा सकने वाले प्रोसेस्ड प्लास्टिक की उपलब्धता है। ऐसे में बाहर से सामग्री मंगाने के बजाय स्थानीय इकाइयों से प्रोसेस्ड प्लास्टिक लेने पर जोर दिया गया।
कचरे के निस्तारण के साथ सड़क निर्माण में उपयोग
DDC इन्द्रवीर कुमार ने प्लास्टिक कचरे के इस मॉडल को पर्यावरण और स्वच्छता दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया। उनके निर्देश के अनुसार, गांवों और पंचायतों से एकत्र होने वाले प्लास्टिक कचरे को स्थानीय इकाइयों में प्रोसेस करने के बाद सड़क निर्माण में उपयोग करने की व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाना है।
इससे एक ओर प्लास्टिक कचरे के निस्तारण में मदद मिल सकती है, वहीं दूसरी ओर सड़क निर्माण में प्रोसेस्ड प्लास्टिक के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।
प्रोसेस्ड प्लास्टिक के फॉरवर्ड लिंकेज पर फोकस
बैठक में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट से निकलने वाले प्रोसेस्ड प्लास्टिक को सड़क निर्माण वाली एजेंसियों तक पहुंचाने के लिए प्रभावी फॉरवर्ड लिंकेज पर भी चर्चा हुई।
DDC ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ स्थानीय इकाइयों से प्रोसेस्ड प्लास्टिक प्राप्त करने और उसके अधिकतम उपयोग के लिए जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया।
पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को मिलेगा सहारा
प्रशासन का मानना है कि प्लास्टिक कचरे को सड़क निर्माण से जोड़ने की पहल से कचरा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिल सकती है। पंचायत स्तर पर जमा होने वाले प्लास्टिक को उपयोगी सामग्री में बदलकर निर्माण कार्य में लगाने से उसके बेहतर निस्तारण का रास्ता तैयार होगा।
इस पहल के जरिए स्वच्छता व्यवस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में डीआरडीए निदेशक आशुतोष कुमार, जिला समन्वयक सोनम कुमारी समेत संबंधित विभागों के पदाधिकारी और अभियंता मौजूद रहे। अधिकारियों को विभागीय दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए स्थानीय प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाइयों से तैयार सामग्री के उपयोग को बढ़ाने की
