देवघर: राजकीय श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों के तहत देवघर जिला प्रशासन विभिन्न व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटा है। इस वर्ष श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य, सुरक्षा और यातायात के साथ-साथ मोबाइल नेटवर्क एवं इंटरनेट सेवाओं को भी विशेष प्राथमिकता दी जा रही है।
इसी उद्देश्य से उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने जिले में कार्यरत सरकारी और निजी दूरसंचार कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने निर्देश दिया कि मेले के आरंभ होने से पहले सभी कंपनियां अपने नेटवर्क ढांचे को सुदृढ़ करें, ताकि भारी भीड़ के दौरान कॉल ड्रॉप, नेटवर्क जाम और धीमी इंटरनेट स्पीड जैसी समस्याओं से श्रद्धालुओं को परेशानी न हो।
भीड़ के अनुरूप बढ़ाई जाएगी नेटवर्क क्षमता
उपायुक्त ने कहा कि श्रावणी मेला के दौरान देश के विभिन्न राज्यों के अलावा विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचते हैं। ऐसे में सुचारु संचार व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रशासन की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल है।
उन्होंने टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश दिया कि नेटवर्क बैंडविड्थ और तकनीकी क्षमता को पहले से बढ़ाया जाए, ताकि अधिक संख्या में मोबाइल उपयोगकर्ताओं के बावजूद सेवाएं बाधित न हों।
लगाए जाएंगे अस्थायी मोबाइल टावर
बैठक के दौरान दूरसंचार कंपनियों के अधिकारियों ने प्रशासन को भरोसा दिलाया कि मेले के दौरान नेटवर्क पर बढ़ने वाले दबाव को देखते हुए जरूरत वाले स्थानों पर अस्थायी मोबाइल टावर स्थापित किए जाएंगे। इससे कॉलिंग और इंटरनेट सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिलेगी।
हर साल बढ़ती भीड़ से आती है नेटवर्क संबंधी चुनौती
श्रावणी मेला के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के एक साथ पहुंचने से मोबाइल नेटवर्क पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिसके कारण कई बार कॉलिंग और डेटा सेवाएं प्रभावित होती हैं। इसका असर विशेष रूप से दूसरे राज्यों और विदेशों से आने वाले श्रद्धालुओं पर पड़ता है।
इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए इस बार जिला प्रशासन ने पहले से समन्वित तैयारी शुरू कर दी है, ताकि पूरे मेले के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर और निर्बाध मोबाइल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई जा सके।


