Tuesday, July 14, 2026

झारखंड के नवनियुक्त सहायक आचार्यों के बकाया वेतन भुगतान का रास्ता साफ, शिक्षा विभाग ने जारी किया नया निर्देश.

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झारखंड के सरकारी प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में नियुक्त सहायक आचार्यों के लिए राहत की खबर है। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लंबित वेतन भुगतान में आ रही प्रशासनिक अड़चनों को दूर करने के लिए नया आदेश जारी किया है।

पुराने आदेश की शर्त बनी थी भुगतान में बाधा

विभाग की ओर से 15 अप्रैल को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राजकीय प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों के स्थापना व्यय मद में ₹22,52,29,81,700 का बजटीय आवंटन जारी किया गया था। हालांकि, उस आदेश में यह प्रावधान था कि वित्तीय वर्ष 2025-26 तथा 15 नवंबर 2000 से पूर्व के बकाया वेतन का भुगतान केवल प्राथमिक शिक्षा निदेशक की विशेष स्वीकृति के बाद ही किया जाएगा।

इस शर्त के कारण कई जिलों में वर्ष 2025-26 के दौरान नियुक्त सहायक आचार्यों का वेतन समय पर जारी नहीं हो सका और भुगतान लंबित रह गया।

विभागीय समीक्षा के बाद लिया गया निर्णय

मामले की समीक्षा के दौरान विभागीय सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नवनियुक्त शिक्षकों के वेतन भुगतान में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं होनी चाहिए। इसके बाद प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने संशोधित आदेश जारी करते हुए पूर्व आदेश की संबंधित शर्त को नवनियुक्त सहायक आचार्यों के मामलों में लागू नहीं रखने का निर्णय लिया।

उपलब्ध राशि से होगा बकाया भुगतान

नए निर्देश के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान नियुक्त सभी सहायक आचार्यों के बकाया वेतन और अन्य देय भुगतान अब वर्तमान में उपलब्ध आवंटित राशि से किए जा सकेंगे।

हालांकि, विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था केवल नवनियुक्त सहायक आचार्यों के लंबित वेतन और संबंधित देयकों के भुगतान तक ही सीमित रहेगी।

डीडीओ को नियमों के पालन का निर्देश

शिक्षा विभाग ने सभी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों (DDOs) को निर्देश दिया है कि वे वेतन भुगतान की प्रक्रिया के दौरान विभाग द्वारा पहले से जारी सभी वित्तीय नियमों और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करें।

इस निर्णय से राज्य के उन नवनियुक्त सहायक आचार्यों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनका वेतन लंबे समय से लंबित था।

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