Monday, August 3, 2026

शेयर बाजार में तेजी का सिलसिला जारी, सेंसेक्स 544 अंक मजबूत होकर बंद; निफ्टी में भी बड़ा उछाल.

Share

मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र में तेजी देखने को मिली। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और विदेशी निवेशकों की बढ़ती भागीदारी के चलते बाजार में खरीदारी का माहौल रहा। दिनभर की मजबूती के बाद प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए।

कारोबार समाप्त होने पर बीएसई का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 544.39 अंक यानी 0.70 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,639.03 अंक पर बंद हुआ। दिन के दौरान सेंसेक्स ने 78,895.10 के उच्चतम स्तर को भी छुआ।

वहीं, एनएसई का निफ्टी 390.70 अंक यानी 1.60 प्रतिशत की तेजी के साथ 24,774.30 के स्तर पर पहुंचकर बंद हुआ। बाजार में आई इस तेजी से निवेशकों की कुल संपत्ति में भी इजाफा हुआ।

बाजार में तेजी के प्रमुख कारण

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट: अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड के भाव में करीब 4.62 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 83.88 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गया। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की संभावनाओं से वैश्विक तनाव कम होने की उम्मीद बनी, जिसका असर तेल की कीमतों पर पड़ा। भारत के लिए सस्ता कच्चा तेल अर्थव्यवस्था और कंपनियों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

विदेशी निवेशकों का बढ़ता भरोसा: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की ओर से भारतीय बाजार में दोबारा खरीदारी बढ़ी है। जुलाई महीने में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों में करीब 20,200 करोड़ रुपये का निवेश किया, जिससे बाजार को मजबूती मिली।

इन शेयरों में रही तेजी और गिरावट

सोमवार के कारोबार में एविएशन और आईटी सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), इंफोसिस, आईटीसी और एक्सिस बैंक के शेयरों में बढ़त दर्ज की गई।

दूसरी ओर, सन फार्मा, भारती एयरटेल, मारुति सुजुकी और टाटा स्टील जैसे शेयरों पर दबाव रहा और इनमें गिरावट देखने को मिली।

विशेषज्ञों ने क्या कहा

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में कमी से महंगाई को लेकर चिंता कम हुई है। इसके अलावा रुपये में मजबूती ने भी बाजार की धारणा को सकारात्मक बनाया है। हालांकि, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का ऊंचा स्तर अभी भी विदेशी निवेशकों के लिए एक चुनौती बना हुआ है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक संकेतों और विदेशी निवेश की दिशा से बाजार की चाल तय होगी।

Read more

Local News