मुंबई: भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन अच्छी बढ़त के साथ शुरू हुआ. वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों के बावजूद, घरेलू निवेशकों के सकारात्मक रुख के कारण मंगलवार को सेंसेक्स और निफ्टी दोनों सूचकांक हरे निशान पर खुले. इस तेजी से निवेशकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है.
बाजार का शुरुआती हाल
कारोबार की शुरुआत होते ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का मुख्य सूचकांक सेंसेक्स 277.14 अंक (0.36%) की बढ़त के साथ 77,005.51 के स्तर पर खुला. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 85.80 अंक (0.35%) चढ़कर 24,032.05 पर पहुंच गया. बाजार खुलने के बाद से ही बैंकिंग और रियल्टी शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिसने बाजार को ऊपर बनाए रखने में मदद की.
सेक्टरों का प्रदर्शन
आज के कारोबार में अलग-अलग सेक्टरों में मिला-जुला असर देखा जा रहा है:
बढ़त वाले सेक्टर: रियल्टी सेक्टर (Nifty Realty) सबसे आगे रहा और इसमें 0.54% की तेजी आई. इसके अलावा, प्राइवेट बैंक और ऑटो सेक्टर के शेयरों में 0.45% तक का उछाल देखा गया. केमिकल, सरकारी बैंक (PSU Banks), ऑयल एंड गैस और हेल्थकेयर शेयरों में भी अच्छी खरीदारी हुई.
गिरावट वाले सेक्टर: दूसरी तरफ, आईटी (IT) सेक्टर में 0.18% और मेटल सेक्टर में 0.13% की मामूली गिरावट दर्ज की गई. एफएमसीजी (FMCG) सेक्टर भी हल्के दबाव में नजर आया.
नुकसान वाले मुख्य शेयर: निफ्टी की बड़ी कंपनियों में से आयशर मोटर्स, टाटा कंज्यूमर, हिंडाल्को, एचडीएफसी लाइफ और डॉ. रेड्डीज के शेयरों में शुरुआती कारोबार में गिरावट देखी गई.
विशेषज्ञों की राय
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इस समय बाजार में कोई बहुत बड़ा नया कारण नहीं है. इसलिए आने वाले कुछ दिनों तक बाजार एक सीमित दायरे में ही घूमता रहेगा. अब निवेशकों की नजरें जून तिमाही के आने वाले नतीजों पर टिकी हैं.
विशेषज्ञों के अनुसार, “व्यापारियों को अभी जल्दबाजी से बचना चाहिए. निफ्टी के लिए 24,200 का स्तर पार करना या 23,800 के स्तर से नीचे जाना ही बाजार की अगली बड़ी दिशा तय करेगा. तब तक चुनिंदा शेयरों में ही हलचल देखने को मिलेगी.”
वैश्विक संकेत और कच्चे तेल का असर
दुनिया भर के बाजारों की बात करें तो अमेरिका के बाजारों में कल रात अच्छी तेजी थी, जहां नैस्डैक लगभग 2% चढ़कर बंद हुआ. एशिया में जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी तो 1% से ज्यादा बढ़े, लेकिन हांगकांग का हैंगसेंग 1% से ज्यादा टूट गया. इस बीच, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 0.66% गिरकर 73.42 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है, जो भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए एक राहत की खबर है.


