Tuesday, June 30, 2026

दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद की 16वीं बैठक में झारखंड के मंत्री डॉ. इरफान अंसारी शामिल हुए.

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रांची: नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित 16वीं केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद (16th Conference of the Central Council of Health & Family Welfare – CCHFW) की बैठक आयोजित की गयी. जिसमें झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी भी शामिल हुए.

स्वास्थ्य मंत्री ने झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े कई अहम मुद्दों को केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से रखा. केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा की अध्यक्षता में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री प्रतापराव जाधव, अनुप्रिया पटेल के साथ साथ सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री उपस्थित रहे.

इस बैठक के दौरान अपनी बात रखते हुए झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है. लेकिन खनन गतिविधियों के दुष्प्रभाव के कारण प्रदेश में फाइलेरिया, मलेरिया, कालाजार, एनीमिया, थैलेसीमिया, टीबी और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का बोझ लगातार बढ़ रहा है. राज्य सरकार पूरी निष्ठा से काम कर रही है लेकिन केंद्र से मिलने वाली आर्थिक सहायता और योजनागत सहयोग पर्याप्त नहीं है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत झारखंड को मिलने वाली राशि अपेक्षित स्तर पर नहीं मिल रही है, जबकि लगभग चार करोड़ आबादी वाले राज्य को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की सबसे अधिक आवश्यकता है.

झारखंड को चाहिए एक और एम्स

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने परिषद के समक्ष मजबूती से और तथ्यों के आधार पर यह बताया कि झारखंड को एक और एम्स (AIIMS) की जरूरत क्यों है. उन्होंने कहा कि झारखंड में केवल एक AIIMS देवघर में है, जो राजधानी रांची से लगभग 300 किलोमीटर दूर है. इस कारण गंभीर मरीजों को समय पर सुपर स्पेशियलिटी इलाज नहीं मिल पाता और कई बार मरीजों की जान बचाना मुश्किल हो जाता है. उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि रांची में हर हाल में AIIMS की स्थापना की जाए, ताकि झारखंड की जनता को विश्वस्तरीय और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं अपने राज्य में ही उपलब्ध हो सके.

RIMS-2 के लिए केंद्र से मांगे ₹2000 करोड़

स्वास्थ्य मंत्री ने दिल्ली से फोन पर बताया कि बैठक के दौरान उन्होंने केंद्र सरकार से रांची में प्रस्तावित RIMS-2 के निर्माण के लिए भी 2000 करोड़ की आर्थिक सहायता देने की मांग की है. उन्होने बैठक के दौरान कहा कि झारखंड सरकार लगभग ₹4100 करोड़ की लागत से RIMS-2 की स्थापना की दिशा में कार्य कर रही है तथा इसके लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) से ऋण लिया जा रहा है. उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि यदि ₹2000 करोड़ का सहयोग मिल जाए तो यह महत्वाकांक्षी परियोजना शीघ्र पूरी होगी और झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था नई ऊंचाइयों पर होगा.

हर जिले तक पहुंचे मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधा

डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि झारखंड आज भी मेडिकल कॉलेजों की संख्या के मामले में कई राज्यों से पीछे है. उन्होंने चतरा, गढ़वा, गोड्डा, गुमला, पाकुड़, रामगढ़, सिमडेगा और साहिबगंज सहित अन्य जिलों में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की मांग की. साथ ही कहा कि इससे डॉक्टरों की कमी दूर होगी और ग्रामीण क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचेंगी.

Jharkhand Minister Irfan Ansari attended 16th meeting of Central Council of Health and Family Welfare

MBBS और PG सीटें दोगुनी करने की मांग

उन्होंने झारखंड के सभी मेडिकल कॉलेजों में MBBS और PG की सीटों को बढ़ाने की मांग की. साथ ही कहा कि इससे एक ओर जहां झारखंड के प्रतिभावान ज्यादा बच्चों को डॉक्टर बनने का मौका मिलेगा वहीं राज्य में चिकित्सक की कमी दूर होगी. उन्होंने बैठक के दौरान राज्य में आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज की स्थापना करने की भी मांग की. डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि झारखंड में आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज की स्थापना का प्रस्ताव पहले ही भेजा जा चुका है तथा भूमि संबंधी सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं. उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार शीघ्र इसकी स्वीकृति प्रदान करेगी.

आशा (साहिया) कार्यकर्ताओं, एंबुलेंस और मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर भी रखी मजबूत बात

इस बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने आशा (साहिया) कार्यकर्ताओं के मानदेय भुगतान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया. उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि साहिया बहनों के वेतन भुगतान में सहयोग दिया जाए. उन्होंने कहा कि राज्य के पास पर्याप्त संसाधन नहीं हैं, इसलिए ‘ममता वाहन’ (छोटी एंबुलेंस) उपलब्ध कराई जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सके.
उन्होंने झारखंड में शिशु मृत्यु दर पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्य के सभी सदर अस्पतालों में ICU, CCU एवं HDU स्थापित करने की मांग की.

Jharkhand Minister Irfan Ansari attended 16th meeting of Central Council of Health and Family Welfare

कैंसर मरीजों के लिए विशेष सहायता की मांग

डॉ. अंसारी ने कहा कि झारखंड में कैंसर मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. इसे देखते हुए केंद्र सरकार से कैंसर उपचार के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता और अत्याधुनिक मशीनें उपलब्ध कराने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार केंद्र के सहयोग से झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को देश की सर्वश्रेष्ठ स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में शामिल करना चाहती है. झारखंड को उसका अधिकार मिलना चाहिए, हम राजनीति नहीं, जनता की जिंदगी बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं.

रांची में AIIMS, बेहतर मेडिकल कॉलेज, आधुनिक अस्पताल और पर्याप्त संसाधन झारखंड की जरूरत हैं, कोई विलासिता नहीं, मैं डॉक्टर भी हूं और स्वास्थ्य मंत्री भी, इसलिए झारखंड की जनता का दर्द समझता हूं. हर मंच पर राज्य के अधिकारों की आवाज मजबूती से उठाता रहूंगा और केंद्र से झारखंड के लिए उसका पूरा हक लेकर रहूंगा.

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि बैठक अत्यंत सकारात्मक रहा है. उन्हें उम्मीद है कि झारखंड के हित में केंद्र सरकार जल्द उनकी मांगों पर विचार करते हुए सकारात्मक फैसला लेगी. उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार का लक्ष्य राज्य के हर नागरिक तक आधुनिक, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है तथा इसके लिए हर स्तर पर निरंतर प्रयास जारी रहेगा.

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