Sunday, October 11, 2026

लातेहार: सड़क, पानी और बिजली की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे पंचायत समिति सदस्य.

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लातेहार: झारखंड के लातेहार जिले के चंदवा प्रखंड की कामता पंचायत में बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर ग्रामीणों ने विरोध जताया है। रविवार को पंचायत समिति सदस्य अयूब खान ग्रामीणों के साथ परहिया टोला स्थित स्कूल में भूख हड़ताल पर बैठ गए। उनकी मांग है कि पंचायत के उन गांवों और टोलों में सड़क, पेयजल, बिजली समेत जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, जहां अब तक लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

आदर्श पंचायत घोषित होने के बाद भी सुविधाओं का अभाव

अयूब खान के अनुसार, चंदवा प्रखंड के चटुआग गांव को वर्ष 2014 में तत्कालीन सांसद सुनील कुमार सिंह ने गोद लिया था। इसके बाद जिला प्रशासन ने पूरी कामता पंचायत को आदर्श पंचायत घोषित किया। उस समय क्षेत्र के विकास के लिए कई योजनाएं तैयार की गई थीं, लेकिन उनका लाभ ग्रामीणों तक पूरी तरह नहीं पहुंच पाया।

खान ने आरोप लगाया कि आदर्श ग्राम और आदर्श पंचायत का दर्जा मिलने के बावजूद क्षेत्र में सड़क, पानी और बिजली जैसी बुनियादी जरूरतें अब भी पूरी नहीं हुई हैं।

कई गांवों में सड़क नहीं, आवागमन में परेशानी

ग्रामीणों के मुताबिक, चिरोखाड़ गांव में आज भी पक्की सड़क का अभाव है। यहां के लोग आने-जाने के लिए पगडंडियों पर निर्भर हैं। परहिया टोला स्थित स्कूल तक पहुंचने के लिए भी सड़क की सुविधा नहीं है। चिरोखाड़ (पोक्या) स्कूल तक जाने में भी सड़क की कमी परेशानी पैदा करती है।

सड़क नहीं होने से ग्रामीणों को सामान्य आवागमन के साथ-साथ आपातकालीन परिस्थितियों में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रास्ते की समस्या के कारण गांव तक एंबुलेंस पहुंचना भी मुश्किल होता है।

खराब जलमीनार से पेयजल संकट

पंचायत के कुछ इलाकों में पेयजल की समस्या भी गंभीर बताई जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, परहिया टोला में लगी जलमीनार कई महीनों से खराब पड़ी है। इसके कारण विशेष रूप से आदिम जनजाति समुदाय के परिवारों को पानी की व्यवस्था करने में दिक्कत हो रही है।

इसके अलावा पंचायत के कई टोलों में अब तक बिजली नहीं पहुंचने की शिकायत भी उठाई गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इन समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने की मांग की है।

विकास योजनाओं को जमीन पर उतारने की मांग

अयूब खान और भूख हड़ताल में शामिल ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र में विकास योजनाएं बनाने के साथ-साथ उन्हें प्रभावी ढंग से लागू करना भी जरूरी है। उनकी मांग है कि सड़क संपर्क बहाल किया जाए, खराब जलमीनार की मरम्मत हो और बिजली से वंचित टोलों तक विद्युत सुविधा पहुंचाई जाए।

ग्रामीणों की ओर से उठाई गई मांगों पर प्रशासन की प्रतिक्रिया के संबंध में उपलब्ध खबर में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।

भूख हड़ताल में शामिल हुए कई ग्रामीण

कामता पंचायत में बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में महिला और पुरुष समेत दर्जनों ग्रामीण शामिल हुए। इनमें दसवा परहिया, नेमा परहिया, रंगवा परहिया, सनिका मुंडा, मुन्ना मुंडा, दाउद होरो, अंधरियस टोपनो, अभिराम बारला, सुलेंन्द्र परहिया, बिफईया परहिया, मुकेश परहिया, जीदन टोपनो, मोनीता देवी, बसंती देवी, मोनीका देवी, रायमुनी देवी, सुनीता देवी और सुखलाल परहिया समेत अन्य लोग मौजूद थे।

ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि कामता पंचायत के सभी प्रभावित गांवों और टोलों में बुनियादी सुविधाएं बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

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