Monday, July 27, 2026

लातेहार के ग्रामीण इलाकों में आयुष्मान आरोग्य मंदिर बने स्वास्थ्य सेवाओं की नई उम्मीद, सीमित संसाधनों में मिल रहा बेहतर इलाज.

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लातेहार: डॉक्टरों की कमी जैसी चुनौतियों के बावजूद झारखंड के लातेहार जिले में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में आयुष्मान आरोग्य मंदिर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। गांवों के लोगों को अब प्राथमिक उपचार, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं और आवश्यक दवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो रही हैं, जिससे जिला अस्पतालों पर निर्भरता भी कम हुई है।

ग्रामीणों को घर के करीब मिल रही स्वास्थ्य सुविधा

लातेहार सदर प्रखंड की मोंगर पंचायत स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर आसपास के कई गांवों के लोगों के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में काम कर रहा है। पहले मामूली बीमारी होने पर भी लोगों को कई किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय जाना पड़ता था, लेकिन अब अधिकांश सामान्य स्वास्थ्य सेवाएं गांव के पास ही उपलब्ध हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे समय और खर्च दोनों की बचत हुई है तथा मरीजों को समय पर इलाज मिल रहा है।

डॉक्टरों की कमी के बीच स्वास्थ्यकर्मी संभाल रहे जिम्मेदारी

हालांकि केंद्र पर स्थायी चिकित्सक उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन यहां एक कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO), एक मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर (MPW) और दो एएनएम तैनात हैं। ये स्वास्थ्यकर्मी नियमित रूप से मरीजों की जांच, उपचार और स्वास्थ्य संबंधी अन्य सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं।

केंद्र पर सामान्य बीमारियों के इलाज के साथ-साथ प्राथमिक जांच, स्वास्थ्य परामर्श और आवश्यक दवाएं भी निःशुल्क दी जाती हैं।

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान

आयुष्मान आरोग्य मंदिर में गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, संस्थागत प्रसव और नवजात शिशुओं की देखभाल की सुविधा भी उपलब्ध है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, यहां प्रत्येक माह कई प्रसव कराए जाते हैं और जरूरत पड़ने पर मरीजों को उच्च चिकित्सा केंद्रों में रेफर किया जाता है।

इसके अलावा, बच्चों और महिलाओं के टीकाकरण अभियान भी नियमित रूप से चलाए जाते हैं। स्वास्थ्यकर्मी गांव-गांव जाकर आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से टीकाकरण और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम संचालित करते हैं।

टेलीमेडिसिन से विशेषज्ञों की सलाह

गंभीर या जटिल मामलों में मरीजों को टेलीमेडिसिन के माध्यम से विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श दिलाया जाता है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बिना लंबी यात्रा किए विशेषज्ञ चिकित्सा सलाह मिल जाती है। आवश्यकता होने पर मरीजों को जिला अस्पताल भेजा जाता है।

ग्रामीणों ने जताई संतुष्टि

स्थानीय निवासियों का कहना है कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर शुरू होने के बाद प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच काफी आसान हुई है। पहले सामान्य बुखार, सर्दी या अन्य छोटी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए भी शहर जाना पड़ता था, जबकि अब अधिकांश उपचार गांव के पास ही उपलब्ध हैं। निःशुल्क दवा मिलने से आर्थिक बोझ भी कम हुआ है।

जिले में संचालित हैं 97 आयुष्मान आरोग्य मंदिर

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, लातेहार जिले में वर्तमान में 97 आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हैं। इन केंद्रों को और अधिक सुदृढ़ बनाने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। पुराने भवनों के स्थान पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त नए भवन विकसित करने की तैयारी की जा रही है, ताकि ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि सीमित चिकित्सकीय संसाधनों के बावजूद प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाकर ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण उपचार सुनिश्चित करने का प्रयास लगातार जारी है।

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