रामगढ़: जिले में नशा मुक्ति अभियान को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सोमवार को समाहरणालय में नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन समिति (एनकॉर्ड) की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त ऋतुराज ने की, जबकि पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत भी इसमें मौजूद रहे। बैठक के दौरान जिले में चल रहे नशा विरोधी अभियानों की समीक्षा की गई और आगे की रणनीति पर चर्चा हुई।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले के सभी स्कूलों में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए नियमित अभियान चलाए जाएं। इसके साथ ही नशे की हालत में वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष जांच अभियान चलाकर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में अवैध मादक पदार्थों की बिक्री और दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए मेडिकल स्टोरों की सघन जांच के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि जिन दवाओं के नशे के रूप में दुरुपयोग की आशंका रहती है, उनकी बिक्री, भंडारण और वितरण पर कड़ी निगरानी रखी जाए तथा इसकी नियमित रिपोर्ट जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए।
उपायुक्त ने सार्वजनिक स्थानों पर रात के समय बढ़ते नशे के इस्तेमाल पर चिंता व्यक्त करते हुए संबंधित विभागों को संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित निगरानी करने, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने और जरूरत पड़ने पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।
विद्यालयों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री रोकने पर भी विशेष जोर दिया गया। जिला शिक्षा अधीक्षक और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि स्कूलों के 100 मीटर के दायरे में विशेष जांच अभियान चलाया जाए और नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
बैठक के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने नशा मुक्ति अभियान के तहत अब तक किए गए कार्यों की जानकारी साझा की और अभियान को और प्रभावी बनाने के सुझाव दिए। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि रामगढ़ को नशामुक्त बनाने के लिए प्रशासन, पुलिस, शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
