पटना। रेलवे बोर्ड ने पूर्व सैनिकों को संविदा के आधार पर गेटमैन (इंजीनियरिंग विभाग) के रूप में नियुक्त करने का बड़ा फैसला लिया है। बोर्ड द्वारा जारी आदेश के तहत देशभर में 7,220 पूर्व सैनिकों की नियुक्ति की जाएगी।
- इनमें पूर्व मध्य रेलवे (ईसीआर) को सर्वाधिक 1,795 पद आवंटित किए गए हैं, जो सभी 16 जोनल रेलों में सबसे अधिक है।
- रेलवे बोर्ड के अनुसार, परिचालन और संरक्षा संबंधी आवश्यकताओं को देखते हुए पूर्व सैनिकों की नियुक्ति केंद्रीय एवं राज्य सरकारों के एक्स-सर्विसमैन वेलफेयर बोर्ड के माध्यम से संविदा पर की जाएगी। नियुक्तियां इंजीनियरिंग विभाग में गेटमैन के पद पर होंगी।
- रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि नवंबर 2024 में जारी योजना की अन्य सभी शर्तें पहले की तरह लागू रहेंगी। पूर्व मध्य रेलवे को सबसे अधिक कोटा मिलने से बिहार और झारखंड में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों को रोजगार का अवसर मिलेगा।
- ईसीआर के अंतर्गत आने वाले दानापुर, धनबाद, सोनपुर, समस्तीपुर और पंडित दीनदयाल उपाध्याय मंडल में आवश्यकता के अनुसार इनकी तैनाती की जा सकेगी।
पूर्व मध्य रेलवे को ये होंगे फायदे
- मानव रहित एवं संरक्षित रेलवे फाटकों पर प्रशिक्षित और अनुशासित पूर्व सैनिकों की तैनाती से सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होगी। फाटकों पर सतर्क निगरानी से सड़क-रेल दुर्घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी।
- पूर्व सैनिक अनुशासन, आपदा प्रबंधन और सुरक्षा कार्यों का अनुभव रखते हैं, जिससे रेलवे संचालन को लाभ मिलेगा। नियमित भर्ती की लंबी प्रक्रिया के बजाय संविदा पर नियुक्ति से आवश्यक पद जल्द भरे जा सकेंगे।
सबसे बड़ा कोटा मिलने से पूर्व मध्य रेल क्षेत्र के पूर्व सैनिकों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इंजीनियरिंग विभाग में पर्याप्त गेटमैन उपलब्ध होने से ट्रेनों का सुरक्षित और सुचारु संचालन सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि पूर्व मध्य रेलवे को मिला सबसे बड़ा कोटा रेलवे सुरक्षा को और मजबूत करने के साथ-साथ पूर्व सैनिकों के पुनर्वास की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।


