Ranchi: राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा ने बुधवार को अपनी टीम के साथ रांची विश्वविद्यालय का दौरा कर कुलपति प्रो. सरोज शर्मा एवं विश्वविद्यालय के वरीय पदाधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक में अनुसूचित जनजाति (एसटी) एवं अनुसूचित जाति (एससी) के छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों, योजनाओं और सुविधाओं की समीक्षा की गई.
बैठक के दौरान कुलपति प्रो. सरोज शर्मा ने डॉ. आशा लकड़ा और आयोग की टीम को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया. इस अवसर पर डॉ. आशा लकड़ा ने कहा कि वह स्वयं रांची विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रा रही हैं और इससे उनका विशेष भावनात्मक जुड़ाव है. उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा जल्द ही पूर्ववर्ती छात्रों (एलुमनाई) का सम्मेलन आयोजित किए जाने की योजना का भी स्वागत किया.
- बैठक में आयोग की टीम ने विश्वविद्यालय एवं इसके 35 संबद्ध कॉलेजों में कार्यरत एसटी कर्मचारियों की संख्या, एसटी ग्रीवांस सेल की स्थिति, यूजी-पीजी छात्रों एवं शोधार्थियों का विवरण, छात्रावास सुविधाएं, शिक्षकों और कर्मचारियों के प्रमोशन, पे-फिक्सेशन सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी ली. विश्वविद्यालय प्रशासन ने अधिकांश जानकारियां उपलब्ध कराईं, जबकि शेष आंकड़े जल्द उपलब्ध कराने का आश्वासन कुलपति ने दिया.
- डॉ. आशा लकड़ा ने कहा कि एसटी वर्ग से जुड़े छात्र, शिक्षक या कर्मचारी आयोग की वेबसाइट पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं. शिक्षकों की कमी और लंबित पदोन्नति के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि आयोग इस संबंध में यूजीसी, शिक्षा मंत्रालय और सरकार से संवाद करेगा. साथ ही छात्र-छात्राओं की सुविधा के लिए रांची विश्वविद्यालय में एक वर्किंग हॉस्टल के निर्माण की आवश्यकता भी बताई.
- उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को केंद्र सरकार की छात्रवृत्ति योजनाओं का समय पर लाभ मिले, इसके लिए विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर संबंधित छात्रवृत्तियों का लिंक और जानकारी प्रमुखता से उपलब्ध कराई जानी चाहिए. उन्होंने भरोसा दिलाया कि आयोग विश्वविद्यालय की आवश्यकताओं के अनुरूप हरसंभव सहयोग करेगा.
बैठक में कुलसचिव डॉ. राजकुमार शर्मा, डीएसडब्ल्यू डॉ. सुदेश कुमार साहू, वित्त पदाधिकारी अजय कुमार, सीसीडीसी डॉ. पी.के. झा, प्रॉक्टर डॉ. मुकुंद मेहता, डिप्टी डायरेक्टर (वोकेशनल) डॉ. स्मृति सिंह, एसटी-एससी लायजनिंग ऑफिसर डॉ. दिनेश उरांव, परीक्षा नियंत्रक डॉ. एम.पी. हसन, डॉ. वंदना कुमारी, डॉ. अर्चना दुबे सहित विश्वविद्यालय के अन्य पदाधिकारी एवं विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे.



