रांची। गर्मी बढ़ने के साथ ही हीट स्ट्रोक (लू लगने) के मामलों में इजाफा होने लगा है। इसे देखते हुए रिम्स प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है और मरीजों के इलाज को लेकर आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। रिम्स प्रबंधन ने बताया कि हीट वेव के दौरान आम लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
जानकारी के अनुसार, हीट स्ट्रोक से पीड़ित मरीजों का इलाज मुख्य रूप से मेडिसीन और पीडियाट्रिक्स विभाग में किया जाता है। मरीज की स्थिति और लक्षणों के आधार पर उपचार की प्रक्रिया अपनाई जाती है। वहीं, मरीजों की संख्या बढ़ने की स्थिति में रिम्स प्रबंधन अलग से डेडिकेटेड बेड की व्यवस्था करने पर भी विचार कर सकता है।
सिर और शरीर को ढककर रखने की सलाह
रिम्स प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और अनावश्यक रूप से तेज धूप में बाहर निकलने से बचें।
लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के एवं ढीले कपड़े पहनने तथा बाहर निकलते समय सिर और शरीर को ढककर रखने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को गर्मी के मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत बताई गई है, क्योंकि हीट स्ट्रोक का खतरा इन वर्गों में अधिक रहता है।


