रांची: राजधानी रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में अब एचएलए-बी27 (HLA-B27) जांच की सुविधा उपलब्ध हो गई है। इस नई व्यवस्था के शुरू होने से गठिया और रीढ़ से जुड़ी गंभीर बीमारियों के मरीजों को समय पर जांच और उपचार में काफी सहूलियत मिलेगी। पहले इस जांच के लिए मरीजों को निजी लैब या दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता था।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, रिम्स में यह जांच शुरू होने से मरीजों का समय और खर्च दोनों कम होंगे। साथ ही रिपोर्ट मिलने में भी पहले की तुलना में कम समय लगेगा, जिससे डॉक्टर बीमारी की जल्द पहचान कर उचित इलाज शुरू कर सकेंगे।
एचएलए-बी27 जांच का उपयोग मुख्य रूप से एंकिलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस (Ankylosing Spondylitis) और अन्य ऑटोइम्यून रोगों की पहचान में किया जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर जांच होने से मरीजों का उपचार अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।
रिम्स प्रबंधन का मानना है कि इस सुविधा के शुरू होने से झारखंड ही नहीं, बल्कि आसपास के राज्यों से आने वाले मरीजों को भी लाभ मिलेगा। अस्पताल लगातार आधुनिक जांच सुविधाओं का विस्तार कर स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है।
