रांची: राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स), रांची में स्वस्थ जीवनशैली को लेकर एक विशेष प्रेरणात्मक कार्यक्रम आयोजित किया गया। ‘बेहतर जीवन जीने की कला’ विषय पर हुए इस आयोजन में संस्थान के निदेशक, चिकित्सा अधीक्षक, विभागाध्यक्ष, डॉक्टर, शिक्षक, अधिकारी, संकाय सदस्य और कर्मचारी शामिल हुए।
कार्यक्रम में 73 वर्षीय अरुण ऋषि मुख्य वक्ता के तौर पर मौजूद रहे। उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनके अनुसार पिछले 47 वर्षों से उन्हें किसी बीमारी का सामना नहीं करना पड़ा है। उन्होंने स्वस्थ जीवन के लिए नियमित दिनचर्या, सकारात्मक सोच, संतुलित जीवनशैली और स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने को महत्वपूर्ण बताया।
अनुभवों के जरिए स्वस्थ जीवन पर चर्चा
अरुण ऋषि ने अपने जीवन से जुड़े अनुभवों के माध्यम से स्वास्थ्य और लंबी उम्र से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर बात की। उनकी बातचीत का फोकस रोजमर्रा की आदतों और जीवनशैली को व्यवस्थित रखने पर रहा।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने उनके सरल और व्यवहारिक अनुभवों को रुचि के साथ सुना। इस दौरान स्वस्थ रहने और जीवन को बेहतर बनाने से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी चर्चा हुई।
कार्यक्रम में मनोरंजन का भी रहा समावेश
आयोजन को केवल स्वास्थ्य संबंधी चर्चा तक सीमित नहीं रखा गया। कार्यक्रम में मनोरंजन से जुड़े पहलुओं को भी शामिल किया गया, जिससे प्रतिभागियों के बीच सकारात्मक माहौल बना रहा।
रिम्स निदेशक ने स्वस्थ जीवन के व्यापक अर्थ पर दिया जोर
रिम्स निदेशक ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि स्वस्थ जीवन का अर्थ केवल बीमारियों से बचाव तक सीमित नहीं है। शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक प्रसन्नता, सकारात्मक दृष्टिकोण और संतुलित जीवनशैली भी महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम संस्थान के डॉक्टरों और कर्मचारियों को अपनी सेहत के प्रति अधिक जागरूक बनाने में मदद करते हैं। साथ ही, ऐसे आयोजन बेहतर जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरणा देने का भी काम करते हैं।
