राजधानी पटना में लगातार बढ़ती ठंड और घने कोहरे ने हवाई यातायात को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। पिछले 15 दिनों में पटना एयरपोर्ट से 71 उड़ानें रद हुईं और 286 उड़ानें 1-2.5 घंटे देरी से संचालित हुईं। इंडिगो की 44 और एयर इंडिया की 14 उड़ानें रद हुईं। यात्रियों को अचानक सूचना मिलने से काफी असुविधा हुई। सोमवार को भी 13 उड़ानें देरी से रवाना हुईं, जिससे यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। मौसम में सुधार तक यह स्थिति जारी रहने की आशंका है।
पटना। राजधानी पटना में लगातार बढ़ती ठंड और घने कोहरे ने हवाई यातायात को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। बीते 15 दिनों के दौरान खराब मौसम के कारण पटना एयरपोर्ट से संचालित होने वाली उड़ानों में बड़े पैमाने पर रद्दीकरण और देरी देखी गई है। इस अवधि में कुल 71 उड़ानें रद की गईं, जबकि 286 उड़ानें अपने निर्धारित समय से एक से ढाई घंटे की देरी से संचालित हुईं।
एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, रद की गई उड़ानों में सबसे अधिक हिस्सेदारी इंडिगो एयरलाइंस की रही। कुल रद उड़ानों में करीब 62 प्रतिशत यानी 44 उड़ानें इंडिगो की थीं। वहीं, एअर इंडिया की 14 उड़ानें रद की गईं, जो कुल का लगभग 20 प्रतिशत है। अन्य एयरलाइंस की भी कुछ उड़ानें मौसम की मार झेलती रहीं।
उड़ानों के रद होने और देरी से संचालित होने के कारण यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। कई यात्रियों ने बताया कि उड़ान रद होने की सूचना उन्हें यात्रा के दिन ही, वह भी उड़ान समय से एक-दो घंटे पहले दी गई, जिससे वैकल्पिक व्यवस्था करना मुश्किल हो गया।
हालांकि, एयरलाइंस कंपनियों की ओर से यात्रियों को वैकल्पिक उड़ान या टिकट रिफंड की सुविधा दी जा रही है, लेकिन अचानक मिली सूचना से यात्रियों में नाराजगी देखी गई।
इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी यात्रियों ने अपनी नाराजगी जाहिर की है। यात्रियों का कहना है कि समय रहते सूचना मिलती तो वे अपनी यात्रा की बेहतर योजना बना सकते थे।
सोमवार 13 उड़ानें रहीं प्रभावित
सोमवार को भी खराब मौसम का असर बरकरार रहा। पटना एयरपोर्ट से दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद सहित विभिन्न शहरों के लिए जाने वाली 13 उड़ानें एक से दो घंटे की देरी से रवाना हुईं। उड़ानों में देरी के कारण यात्रियों को एयरपोर्ट परिसर में घंटों इंतजार करना पड़ा।
लगातार हो रही उड़ान रद्दीकरण और देरी से कई यात्रियों ने अपनी यात्रा स्थगित कर टिकट रिफंड के लिए आवेदन किया, जबकि कुछ यात्रियों ने मजबूरी में दूसरे साधनों का सहारा लेकर यात्रा पूरी की। मौसम में सुधार होने तक आने वाले दिनों में भी हवाई सेवाओं पर असर बने रहने की आशंका जताई जा रही है।


