Saturday, August 1, 2026

रांची विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय रसायन विज्ञान दिवस का आयोजन, आचार्य पी.सी. रे के नाम पर चार वार्षिक रिसर्च फेलोशिप की घोषणा.

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रांची: रांची विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार में शनिवार को राष्ट्रीय रसायन विज्ञान दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस वर्ष कार्यक्रम का आयोजन ‘इको अल्केमिया 2026’ थीम के तहत किया गया। आचार्य प्रफुल्ल चंद्र रे की जयंती 2 अगस्त को पड़ने के कारण, अवकाश होने से समारोह एक दिन पहले आयोजित किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सरोज शर्मा ने की। उन्होंने आचार्य प्रफुल्ल चंद्र रे के वैज्ञानिक योगदान को याद करते हुए घोषणा की कि विश्वविद्यालय अब उनके नाम पर प्रत्येक वर्ष चार रिसर्च फेलोशिप प्रदान करेगा। इसका उद्देश्य रसायन विज्ञान के क्षेत्र में शोध और नवाचार को प्रोत्साहित करना है।

समारोह में दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी के डीन एवं रसायन विज्ञान विभाग के प्रो. डॉ. राम सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं, बीआईटी मेसरा के प्रो. डॉ. सुमित मिश्रा और इग्नू स्कूल ऑफ एजुकेशन के प्रो. डॉ. गौरव विशिष्ट अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे।

दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। पीजी रसायन विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. स्मृति सिंह ने राष्ट्रीय रसायन विज्ञान दिवस के महत्व और आचार्य पी.सी. रे के जीवन एवं वैज्ञानिक योगदान पर प्रकाश डाला। स्वागत भाषण आईक्यूएसी के निदेशक डॉ. ए.के. डेल्टा ने दिया।

इस अवसर पर आईक्यूएसी द्वारा प्रकाशित न्यूज़लेटर ‘पर्सपेक्टिव’ का विमोचन किया गया। साथ ही मास कम्युनिकेशन विभाग द्वारा तैयार आचार्य प्रफुल्ल चंद्र रे के जीवन पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई।

सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत पीएफए विभाग के विद्यार्थियों ने ‘अणु टू एटम’ शीर्षक से नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की। प्रस्तुति में महर्षि कणाद, चरक, सुश्रुत और भारतीय वैज्ञानिक परंपरा के योगदान को आकर्षक ढंग से दर्शाया गया।

मुख्य अतिथि प्रो. राम सिंह ने कहा कि रसायन विज्ञान का उपयोग पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य और जैव विविधता से जुड़ी चुनौतियों के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक विज्ञान के समन्वय पर भी बल दिया।

प्रो. सुमित मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि रसायन विज्ञान केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दैनिक जीवन, उद्योग और तकनीकी विकास का महत्वपूर्ण आधार है। वहीं, प्रो. डॉ. गौरव ने युवाओं को अनुसंधान के क्षेत्र में आगे आने और रसायन विज्ञान को रोजगार एवं उद्योग की आवश्यकताओं से जोड़ने की जरूरत बताई।

विज्ञान संकाय की डीन डॉ. वंदना ने आचार्य पी.सी. रे के वैज्ञानिक कार्यों और भारतीय विज्ञान में उनके योगदान पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के शिक्षक, शोधार्थी, छात्र-छात्राएं और प्रशासनिक अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ समारोह का समापन हुआ।

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