रांची: झारखंड की राजधानी रांची में आयोजित 77वें वन महोत्सव कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर लोगों को जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि बदलते मौसम का प्रभाव अब हर क्षेत्र और हर मौसम में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है, इसलिए प्रकृति के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास समय की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी अत्यधिक वर्षा तो कभी कम बारिश, असामान्य तापमान और मौसम में लगातार बदलाव जलवायु परिवर्तन के संकेत हैं। इन परिस्थितियों का सीधा असर कृषि, पर्यावरण और आम लोगों के जीवन पर पड़ रहा है।
पौधारोपण को जनभागीदारी से जोड़ने की अपील
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि केवल पौधारोपण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे संरक्षित रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। जनभागीदारी से ही पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य प्रभावी ढंग से हासिल किया जा सकता है।
पर्यावरण संरक्षण को बताया सामूहिक जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा हुआ है। यदि समय रहते पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी नहीं निभाई गई, तो जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभाव और गंभीर हो सकते हैं। उन्होंने लोगों से हरित झारखंड के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
77वें वन महोत्सव के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और वृक्षारोपण को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति का संतुलन बनाए रखना सरकार के साथ-साथ समाज के प्रत्येक नागरिक की भी जिम्मेदारी है।
