रांची: झारखंड में चल रहे JPSC-JSSC भर्ती परीक्षा विवाद के बीच नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सदर अस्पताल पहुंचकर अनशन के कारण अस्वस्थ हुए छात्र राहुल क्रांति और ब्रजकिशोर से मुलाकात की। उन्होंने दोनों छात्रों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और चिकित्सकों से उनके इलाज एवं स्वास्थ्य संबंधी स्थिति पर चर्चा की।
छात्रों से अनशन समाप्त कर संघर्ष जारी रखने की अपील
मरांडी ने छात्रों से कहा कि अपने अधिकारों की लड़ाई लोकतांत्रिक तरीके से जारी रखें, लेकिन अपनी जान को जोखिम में न डालें। उन्होंने कहा कि युवाओं के सामने अभी लंबा संघर्ष है और इस लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाने की जरूरत है।
भर्ती प्रक्रिया पर सरकार को घेरा
मीडिया से बातचीत के दौरान बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि राज्य की भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं के परिणाम जारी करने और नियुक्ति प्रक्रिया में कई अभ्यर्थियों ने अनियमितताओं की शिकायत की है, जिससे युवाओं में असंतोष बढ़ा है।
उन्होंने यह भी कहा कि कुछ अभ्यर्थियों को न्यायालय से राहत मिलने के बावजूद समय पर नियुक्ति नहीं मिलने के आरोप सामने आए हैं। उनके अनुसार, यदि संबंधित मामलों का समय पर समाधान होता, तो छात्रों को आंदोलन का रास्ता नहीं अपनाना पड़ता।
CBI जांच और कार्रवाई की मांग दोहराई
बाबूलाल मरांडी ने भर्ती परीक्षाओं से जुड़े पूरे विवाद की स्वतंत्र जांच कराने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने मामले की CBI जांच कराने और दोषियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग भी दोहराई।
आंदोलन को युवाओं के भविष्य से जोड़ा
मरांडी ने कहा कि यह आंदोलन केवल कुछ छात्रों का नहीं, बल्कि राज्य के उन हजारों-लाखों युवाओं की उम्मीदों और भविष्य से जुड़ा है, जो निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की अपेक्षा रखते हैं। उन्होंने सरकार से छात्रों की मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार कर जल्द समाधान निकालने की अपील की।
