रांची: मैट्रिक और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा की तैयारी को बेहतर बनाने के लिए रांची जिला शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों के नियमित मूल्यांकन की व्यवस्था शुरू की है। इसके तहत कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्र-छात्राओं की हर महीने परीक्षा ली जाएगी। परीक्षा में विद्यार्थियों को 80 अंकों का प्रश्नपत्र हल करना होगा।
हर महीने 10 से 12 तारीख तक होगी परीक्षा
जिला शिक्षा पदाधिकारी मो. वसीम अहमद के नेतृत्व में शुरू की गई इस व्यवस्था में 10वीं और 12वीं के सभी विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा। शिक्षा विभाग के मुताबिक मासिक परीक्षा प्रत्येक महीने की 10, 11 और 12 तारीख को आयोजित होगी।
प्रश्नपत्र तैयार करते समय बोर्ड परीक्षा के पैटर्न को ध्यान में रखा जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को नियमित रूप से बोर्ड स्तर की परीक्षा का अभ्यास मिलता रहे।
पढ़ाई की स्थिति का होगा नियमित आकलन
मासिक परीक्षा का प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों की पढ़ाई की प्रगति को लगातार परखना है। परीक्षा के परिणाम से यह समझने में मदद मिलेगी कि किन विषयों या अध्यायों में विद्यार्थियों की तैयारी कमजोर है।
कमजोर हिस्सों की पहचान होने के बाद शिक्षक और छात्र समय रहते उस पर अतिरिक्त मेहनत कर सकेंगे। इससे बोर्ड परीक्षा से पहले तैयारी को व्यवस्थित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
परीक्षा का तनाव कम करने में मिलेगी मदद
शिक्षा विभाग का मानना है कि लगातार परीक्षा और अभ्यास से विद्यार्थियों में बोर्ड परीक्षा को लेकर झिझक कम होगी। नियमित टेस्ट देने से प्रश्नपत्र हल करने की गति और समय प्रबंधन पर भी काम किया जा सकेगा।
इसके अलावा, पूरे शैक्षणिक सत्र के दौरान पढ़ाई में निरंतरता बनाए रखने में मासिक परीक्षा उपयोगी हो सकती है। इससे बोर्ड परीक्षा के समय एक साथ अधिक पाठ्यक्रम तैयार करने का दबाव भी कम करने का प्रयास होगा।
बेहतर बोर्ड रिजल्ट पर विभाग का फोकस
जिला शिक्षा विभाग का लक्ष्य विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा के लिए पहले से तैयार करना और जिले के शैक्षणिक प्रदर्शन को बेहतर बनाना है। नियमित परीक्षा, अभ्यास और मूल्यांकन के जरिए छात्रों की कमियों को समय रहते दूर करने पर जोर दिया जा रहा है।
